गोपालगंज: पॉक्सो मामले में आरोपी को 20 वर्षों की कठोर कारावास की सजा

गोपालगंज जिले के महिला थाना क्षेत्र से जुड़े पॉक्सो एक्ट (संख्या-27/22) के एक महत्त्वपूर्ण मामले में जिला न्यायालय ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। इस मामले में दोषी पाए गए एक आरोपी को माननीय न्यायालय एडीजे-06, गोपालगंज ने 20 वर्षों की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है, जिससे समाज में बालिकाओं और महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों को सख्त संदेश गया है।
मामला और न्यायिक प्रक्रिया
यह मामला महिला थाना गोपालगंज में वर्ष 2022 में दर्ज हुआ था। प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के अनुसार, आरोपी ने नाबालिग बालिका के साथ घिनौनी हरकत की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से जांच कर साक्ष्य एकत्र किए और चार्जशीट समय पर अदालत में प्रस्तुत की। न्यायालय में पेश सभी सबूत और गवाहियों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
अदालत का सख्त रुख
माननीय एडीजे-06 की अदालत ने इस मामले को समाज में बढ़ते बाल यौन अपराधों के संदर्भ में अत्यंत गंभीर माना और आरोपी को 20 वर्षों की कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अपराध समाज में किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जा सकते। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पॉक्सो एक्ट के तहत यह सजा पीड़ित को न्याय दिलाने और समाज में कानून का डर स्थापित करने हेतु दी गई है।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
बिहार पुलिस की तत्परता और प्रभावी कार्यवाही इस निर्णय में महत्वपूर्ण रही। बिहार पुलिस ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस फैसले की जानकारी साझा करते हुए यह संदेश दिया कि वह महिला और बाल सुरक्षा के प्रति पूर्णतः सजग और प्रतिबद्ध है। पुलिस ने कहा कि इस फैसले से अन्य अपराधियों को भी कड़ा संदेश मिलेगा कि कानून से बच पाना संभव नहीं है।
समाज पर प्रभाव
यह फैसला निश्चित रूप से बाल सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे समाज में यह संदेश गया है कि पॉक्सो एक्ट जैसे कानूनों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा मिलेगी। साथ ही, यह पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए भी एक भरोसा दिलाने वाला कदम है कि न्याय व्यवस्था उनके साथ खड़ी है।
