कानपुर देहात में हर घर नल जल योजना की टूटी पाइपलाइन बनी परेशानी, सड़क पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कानपुर देहात। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वपूर्ण हर घर नल जल योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार तक पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। लेकिन कानपुर देहात के एक ग्रामीण क्षेत्र में पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण योजना की व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव की व्यस्त सड़क के बीच पाइपलाइन टूट जाने से लगातार पानी बह रहा है और सड़क पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसके चलते राहगीरों तथा स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार पाइपलाइन में आई खराबी को काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों को शिकायत की जानकारी दिए जाने के बावजूद मौके पर समस्या देखने या मरम्मत कराने की प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिणामस्वरूप पानी लगातार सड़क पर फैल रहा है और आने-जाने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
सड़क पर बह रहा पानी, यातायात प्रभावित
ग्रामीण क्षेत्र की जिस सड़क के बीच पाइपलाइन टूटने की बात सामने आई है, वह स्थानीय लोगों के लिए आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है। पाइपलाइन से निकलने वाला पानी सड़क के हिस्से में फैल जाने के कारण वहां से गुजरने वाले पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ रही है।
सड़क पर पानी जमा रहने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से परेशानी पैदा हो रही है। वहीं पैदल गुजरने वाले लोगों को भी पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते पाइपलाइन की मरम्मत कर दी जाती तो सड़क पर पानी फैलने की स्थिति लंबे समय तक नहीं रहती।
एक महीने से बनी हुई है समस्या
ग्रामीणों के मुताबिक पाइपलाइन टूटने की समस्या करीब एक महीने से बनी हुई है। इतने लंबे समय से सड़क पर पानी बहने के बावजूद मरम्मत कार्य नहीं होने से लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि योजना के तहत पाइपलाइन बिछाए जाने का उद्देश्य घरों तक पानी पहुंचाना है, लेकिन क्षतिग्रस्त पाइपलाइन के कारण पानी सड़क पर बह रहा है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब किसी स्थान पर पाइपलाइन टूटने की सूचना मिलती है तो उसकी समय पर जांच और मरम्मत क्यों नहीं की जाती। यदि पाइपलाइन को जल्द ठीक कर दिया जाए तो पानी की बर्बादी रोकने के साथ सड़क पर होने वाले जलभराव से भी राहत मिल सकती है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
गांव के निवासी रोहित कश्यप ने बताया कि पाइपलाइन टूटने की जानकारी संबंधित स्तर पर दी जा चुकी है। उनके अनुसार शिकायत किए जाने के बावजूद अभी तक समस्या का समाधान करने के लिए कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा है।
रोहित कश्यप का कहना है कि सड़क पर लगातार पानी बहने के कारण राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि शिकायत के बाद विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन की स्थिति देखेंगे और आवश्यक मरम्मत कराएंगे, लेकिन समस्या लंबे समय से जस की तस बनी हुई है।
पेयजल योजना की व्यवस्था पर उठे सवाल
हर घर नल जल योजना ग्रामीण परिवारों को पाइपलाइन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत गांवों में पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया गया है, लेकिन किसी भी जलापूर्ति व्यवस्था की सफलता के लिए पाइपलाइन की नियमित निगरानी और समय पर रखरखाव जरूरी है।
कानपुर देहात के इस मामले में ग्रामीणों की शिकायत यही है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद समय पर मरम्मत नहीं की गई। इससे एक तरफ पानी सड़क पर बहकर बर्बाद हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय आवागमन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण करे और खराब पाइपलाइन की मरम्मत के लिए त्वरित व्यवस्था बनाए तो ऐसी समस्याओं को लंबे समय तक बने रहने से रोका जा सकता है।
पानी की बर्बादी को लेकर भी चिंता
पाइपलाइन से लगातार पानी बहने की स्थिति केवल सड़क पर जलभराव तक सीमित नहीं है। इससे जल की बर्बादी भी हो रही है। ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की उपलब्धता को लेकर पहले से ही लोगों की निर्भरता पाइपलाइन व्यवस्था पर रहती है। ऐसे में पाइपलाइन से पानी का रिसाव लंबे समय तक जारी रहना चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पानी को घरों तक पहुंचाने के लिए पूरी व्यवस्था तैयार की गई है, वही पानी पाइपलाइन टूटने के कारण सड़क पर बह रहा है। यदि क्षतिग्रस्त हिस्से की शीघ्र मरम्मत कर दी जाए तो पानी की बर्बादी रोकने के साथ जलापूर्ति व्यवस्था को भी बेहतर किया जा सकता है।
ग्रामीणों ने की शीघ्र मरम्मत की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि मौके पर टीम भेजकर पाइपलाइन की स्थिति का निरीक्षण कराया जाए। क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की पहचान कर जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि सड़क पर पानी का बहाव बंद हो सके और लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि पाइपलाइन की मरम्मत के बाद सड़क की स्थिति का भी जायजा लिया जाए, ताकि जलभराव के कारण सड़क को हुए संभावित नुकसान का पता लगाया जा सके।
स्थानीय निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं को प्रभावी बनाए रखने के लिए केवल पाइपलाइन बिछाना पर्याप्त नहीं है। इसके बाद नियमित निरीक्षण, शिकायतों का समय पर निस्तारण और तकनीकी खराबियों की तत्काल मरम्मत भी जरूरी है। स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से पाइपलाइन लीकेज और टूटने जैसी समस्याओं का जल्द पता लगाया जा सकता है।
कानपुर देहात के ग्रामीणों की शिकायत भी इसी ओर इशारा करती है कि एक महीने से बनी समस्या को जल्द दूर करने की आवश्यकता है। सड़क पर पानी जमा होने से लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है और जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़ी समस्या भी सामने आ रही है।
अब ग्रामीणों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले का संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराएंगे और क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की जल्द मरम्मत कराकर सड़क पर पानी के बहाव को रोकेंगे। इससे जहां राहगीरों को राहत मिलेगी, वहीं हर घर नल जल योजना के तहत उपलब्ध कराई जा रही जलापूर्ति व्यवस्था को भी सुचारु बनाए रखने में मदद मिलेगी।