स्नातक निर्वाचन की तैयारियों को लेकर प्रशासन सक्रिय, डीएम ने दिए समयबद्ध व्यवस्था के निर्देश
अरुण कुमार मिश्रा
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन
उरई, जालौन। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 को लेकर जालौन जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। निर्वाचन को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लगातार विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी समीर ने कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन कार्य से जुड़े प्रभारी तथा सहायक प्रभारी अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्वाचन से संबंधित प्रत्येक जिम्मेदारी को गंभीरता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का निर्धारित नियमों के अनुसार पालन सुनिश्चित कराने के साथ-साथ सभी व्यवस्थाओं को समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है। इसके लिए मतदान केंद्रों पर आवश्यक सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, मतदान कार्मिकों की उपलब्धता और चुनाव सामग्री समेत सभी पहलुओं की पहले से जांच की जाए। जहां कहीं कोई कमी सामने आए, उसे मतदान की निर्धारित तारीख से पहले ही दूर करा लिया जाए, ताकि मतदान के दिन किसी तरह की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
24 मतदान केंद्रों का होगा सघन निरीक्षण
जिले में बनाए गए सभी 24 मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारी पुलिस को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के मतदान केंद्रों का सघन निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था का भी बारीकी से परीक्षण किया जाए।
मतदान केंद्रों पर आने वाले मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त कराने पर जोर दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का मौके पर सत्यापन करें और यदि कोई कमी या आवश्यकता सामने आती है तो संबंधित विभाग के माध्यम से उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित कराया जाए।
प्रशासन का उद्देश्य यह है कि मतदान के दिन केंद्रों पर व्यवस्थाएं व्यवस्थित रहें और निर्वाचन प्रक्रिया बिना किसी बाधा के संचालित हो सके। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निरीक्षण रिपोर्ट और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण पर जोर
बैठक में मतदान कार्मिकों की तैनाती और प्रशिक्षण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि मतदान में लगाए जाने वाले कार्मिकों की जिम्मेदारियों का निर्धारण समय से किया जाए। इसके साथ ही प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार कर सभी संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित समय पर प्रशिक्षण दिलाया जाए।
मतदान प्रक्रिया में कार्मिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में उन्हें निर्वाचन आयोग के नियमों, मतदान की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और अपने दायित्वों के संबंध में पर्याप्त जानकारी उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता रहेगी। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखते हुए उसे प्रभावी तरीके से पूरा कराने पर जोर दिया।
इसके अलावा मतदान सामग्री की उपलब्धता और उसके सुरक्षित प्रबंधन की भी समीक्षा की गई। मतदान के लिए आवश्यक सामग्री समय से उपलब्ध कराने तथा उसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संबंधित मतदान केंद्रों तक पहुंचाने की तैयारियों को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वाहनों की उपलब्धता और मजिस्ट्रेटों की तैनाती
निर्वाचन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए वाहनों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि मतदान कार्मिकों और आवश्यक चुनाव सामग्री के आवागमन के लिए पर्याप्त वाहनों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए। परिवहन से जुड़ी किसी भी संभावित समस्या को मतदान से पहले चिन्हित कर उसका समाधान किया जाए।
इसके साथ ही जिले में जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की तैयारियों को भी समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्रों में निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं की निगरानी और आवश्यक समन्वय बनाए रखना होगा। प्रशासन की कोशिश है कि चुनाव के दौरान किसी भी स्तर पर समस्या सामने आने पर उसका त्वरित समाधान किया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष निगरानी
मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि मतदान केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था का पहले से आकलन किया जाए और संवेदनशीलता के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उप जिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को संयुक्त रूप से मतदान केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए जाने का उद्देश्य प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है। इससे मतदान के दिन कानून-व्यवस्था से जुड़ी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासनिक तंत्र तैयार रह सकेगा।
23 अक्टूबर को होगा मतदान
आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इलाहाबाद-झांसी खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान कराया जाएगा। मतदान का समय सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है। जिला प्रशासन इस अवधि के दौरान मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर रहा है।
मतदान समाप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतपेटियों और निर्वाचन सामग्री को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। प्रशासन की ओर से इस पूरी प्रक्रिया को आयोग के नियमों के अनुरूप संचालित करने की तैयारी की जा रही है।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना
निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को कराई जाएगी। मतगणना का आयोजन मंडलायुक्त झांसी के न्यायालय कक्ष में किया जाएगा। मतगणना से संबंधित तैयारियों को भी निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि मतदान और मतगणना से जुड़े सभी चरणों में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया जाए। निर्वाचन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज, अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी, नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद सिंह, डीसी मनरेगा सहित जिले के सभी उप जिलाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में विभिन्न विभागों को सौंपे गए निर्वाचन संबंधी कार्यों की स्थिति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और निर्धारित समय सीमा में अपने दायित्व पूरे करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि निर्वाचन जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण कार्य में छोटी-सी कमी भी मतदान व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रत्येक स्तर पर सतर्कता आवश्यक है।
जिला प्रशासन की ओर से मतदान केंद्रों के निरीक्षण, कार्मिकों के प्रशिक्षण, मतदान सामग्री, परिवहन, सुरक्षा और मजिस्ट्रेटों की तैनाती जैसे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अब प्रशासन का ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि 23 अक्टूबर को होने वाला मतदान निर्धारित समय पर व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो और पूरी निर्वाचन प्रक्रिया आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित हो।