फ़रवरी 12, 2026

यह घटना पश्चिम बंगाल के बारुइपुर इलाके से जुड़ी एक हृदयविदारक अपराध कथा है, जो न्याय और कानून के दृढ़ संकल्प की मिसाल भी बन गई। इस लेख में हम पूरी घटना, पुलिस की तत्परता और न्याय व्यवस्था की निर्णायक भूमिका का विश्लेषण करेंगे।

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Anoop singh

🚨 नाबालिका के साथ अमानवीयता: एक दुखद शुरुआत

वर्ष 2022 में 14 वर्षीय एक नाबालिका, अपने पारिवारिक विवादों से आहत होकर स्टेशन पहुंचती है। वहीं उसकी मुलाकात होती है 36 वर्षीय अमर दास से, जो पहली नजर में सहानुभूति जताता है। कुछ ही समय में उसने लड़की को शादी का झांसा देकर अपने घर ले जाता है। लेकिन यह मुलाकात जल्द ही एक घिनौने षड्यंत्र में बदल जाती है।

💔 अपराध की परतें: यौन शोषण और मानव तस्करी

अमर दास, जो पहले से शादीशुदा था, अपने घर में और बाद में अन्य स्थानों पर उस नाबालिका के साथ बार-बार बलात्कार करता है। हद तो तब होती है जब वह उसे कोलकाता के एक वेश्यालय में बेचने की कोशिश करता है। सौभाग्यवश, लड़की के नाबालिग होने के कारण उसे खरीदा नहीं जाता।

🕊️ इंसानियत की आवाज़: एक समाजसेवी की सजगता

यह मामला तब सामने आता है जब एक स्थानीय समाजसेवी को घटना की भनक लगती है। उन्होंने तुरंत कुलतली थाने को सूचित किया। वहां तैनात सब-इंस्पेक्टर शुभमय दास ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नाबालिका को सुरक्षित बचाया और आरोपी को गिरफ्तार किया।

⚖️ न्याय की विजय: उम्रकैद और जुर्माना

तेजी से की गई चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत ने सुनवाई शुरू की। हाल ही में बारुइपुर की अदालत ने आरोपी अमर दास को उम्रकैद की सजा सुनाई, साथ ही ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया।


✊ संदेश और सबक

  • यह मामला सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि हमारे समाज में मौजूद संवेदनशीलताहीनता की चेतावनी है।
  • समाजसेवियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सजगता ने एक मासूम जीवन को बचाया और अपराधी को सज़ा दिलवाई।
  • यह घटना दर्शाती है कि यदि समाज और पुलिस तत्पर हों, तो किसी भी पीड़िता को न्याय दिलाया जा सकता है।

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