नेतन्याहू ने जताया ट्रंप पर विश्वास, कानूनी संकटों के बीच दिया आत्मविश्वास से भरा बयान

जेरूसलम, 26 जून 2025 – इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक बार फिर अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन में खुलकर बयान दिया है, जबकि वे स्वयं इज़रायल में चल रही कई कानूनी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
नेतन्याहू ने एक हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप को “सच्चा मित्र” और “मजबूत नेतृत्व का प्रतीक” बताया। उन्होंने कहा, “डोनाल्ड ट्रंप ने हमेशा इज़रायल की सुरक्षा और हितों को प्राथमिकता दी है। मैं उनके नेतृत्व में अमेरिका-इज़रायल संबंधों को नई ऊंचाइयों पर जाते हुए देख चुका हूं।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब खुद नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हुए हैं और अदालतों में उनके खिलाफ सुनवाई चल रही है। इसके बावजूद, उन्होंने इन आरोपों को “राजनीतिक षड्यंत्र” करार दिया और कहा कि वे कानून का पूरा सम्मान करते हैं और न्याय प्रक्रिया का सामना आत्मविश्वास के साथ कर रहे हैं।
नेतन्याहू ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका और इज़रायल के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को वे किसी भी राजनीतिक बाधा के आगे कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा, “चाहे मैं किसी भी स्थिति में रहूं, मेरा कर्तव्य है कि मैं अपने देश और जनता की सेवा करता रहूं। ट्रंप जैसे नेताओं का समर्थन मेरे लिए प्रेरणा है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू का यह बयान दोनों नेताओं की व्यक्तिगत मित्रता के साथ-साथ भविष्य की संभावित कूटनीतिक साझेदारियों की ओर भी संकेत करता है, विशेषकर यदि ट्रंप 2024 में फिर से राष्ट्रपति पद पर लौटते हैं।
जहां एक ओर नेतन्याहू खुद को निर्दोष साबित करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर वे अपने पुराने सहयोगियों से समर्थन जुटाने की रणनीति पर भी काम कर रहे हैं। उनका यह कदम इज़रायली राजनीति में आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकता है।
निष्कर्ष:
नेतन्याहू का ट्रंप के प्रति विश्वास और स्वयं पर कानूनी हमलों के खिलाफ उनका आत्मविश्वास यह दर्शाता है कि वे केवल राजनीतिक अस्तित्व की लड़ाई नहीं लड़ रहे, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को भी पुनः परिभाषित कर रहे हैं। उनके ये कदम आने वाले चुनावों और इज़रायल की विदेश नीति को नई दिशा दे सकते हैं।
