फ़रवरी 13, 2026

ईरान की रणनीतिक जीत: खामेनेई ने अमेरिका और इज़राइल को दी कड़ी चुनौती, राष्ट्रीय एकता को बताया असली शक्ति”

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Anoop singh

लेखक: अयुष सिंह | 26 जून 2025 | हिट एंड हॉट न्यूज़

तेहरान – ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई ने हाल ही में दिए गए एक प्रभावशाली भाषण में अमेरिका और इज़राइल के विरुद्ध ईरान की “रणनीतिक जीत” की घोषणा की है। यह वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव चरम पर है, और ईरान क्षेत्रीय शक्ति के रूप में अपने प्रभाव को पुनः स्थापित करने के प्रयासों में जुटा हुआ है।


🔴 “दूसरी बधाई” और अमेरिका की रणनीति पर करारा प्रहार

खामेनेई ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा, “मैं ईरानी राष्ट्र को दूसरी बार बधाई देता हूँ, क्योंकि हमने फिर एक बार अमेरिका की चालों को असफल कर दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ईरान को इज़राइल के माध्यम से सीमित करना चाहता था, लेकिन ईरान ने इस रणनीति को नाकाम कर दिया।

उन्होंने आगे कहा, “हमारी रणनीतिक बुद्धिमत्ता, सैन्य सजगता और जनता की एकता ने यह सिद्ध कर दिया कि इस्लामी गणराज्य किसी भी साजिश के सामने झुकेगा नहीं। हमने जवाब नहीं दिया, बल्कि रणनीतिक जवाब दिया – ऐसा जवाब जिसने दुश्मन को सोचने पर मजबूर कर दिया।”


🔴 इज़राइल को मिला “स्पष्ट संदेश”

खामेनेई के इस बयान के साथ एक प्रतीकात्मक चित्र भी जारी किया गया, जिसमें एक भारी सैन्य बूट इज़राइली प्रतीक चिह्न को रौंदता हुआ दिखाया गया और आकाश में मिसाइलें उड़ान भर रही थीं। यह दृश्य केवल युद्ध का संकेत नहीं, बल्कि एक मानसिक संदेश था – कि ईरान अब केवल प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि भविष्य तय करने की स्थिति में है।


🔴 राष्ट्रीय एकता को बताया सबसे बड़ी ताकत

अपने भाषण में खामेनेई ने विशेष जोर देकर कहा कि ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसका आंतरिक एकजुटता है। उन्होंने कहा, “दुश्मन हमारे बीच दरार डालना चाहता था – लेकिन जनता, सेना, प्रशासन और धार्मिक नेतृत्व की एकता ने उन्हें करारा जवाब दिया।”

उन्होंने युवाओं, सैन्य बलों और वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी विकास, डिफेंस क्षमताएं और सांस्कृतिक आत्मनिर्भरता ईरान की “रणनीतिक गहराई” का हिस्सा हैं।


🔴 भविष्य की राह: आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व

खामेनेई ने इस मौके पर यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अब केवल एक प्रतिक्रिया देने वाला देश नहीं, बल्कि एक दिशा-निर्देशक शक्ति बन चुका है। “हमारा उद्देश्य केवल पश्चिमी प्रभुत्व का विरोध करना नहीं, बल्कि एक नया विश्व दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है – जहाँ न्याय, आत्मनिर्भरता और सम्मान की प्रधानता हो।”


निष्कर्ष

ईरान के सर्वोच्च नेता का यह बयान केवल एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति-संतुलन में बदलाव का संकेत है। अमेरिका और इज़राइल पर की गई टिप्पणी और ईरानी जनता की एकता की प्रशंसा दर्शाती है कि तेहरान अब एक नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर खुद को स्थापित करना चाहता है।


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