फ़रवरी 12, 2026

सिकल सेल एनीमिया: समय रहते लक्षण पहचानना और उपचार शुरू करना है जीवनरक्षक28 जून 2025

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Anoop singh

सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर और अनुवांशिक रक्त विकार है, जो दुनियाभर में लाखों लोगों को प्रभावित करता है। हालांकि यह रोग वर्षों से चिकित्सा क्षेत्र में जाना-पहचाना है, फिर भी आम लोगों में इसके शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूकता की भारी कमी है। हाल ही में भारत के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करते हुए माता-पिता को इसके लक्षणों पर सतर्क रहने और समय पर चिकित्सकीय जांच कराने की अपील की है।

सिकल सेल एनीमिया क्या है?

यह रोग तब होता है जब शरीर की लाल रक्त कोशिकाओं का आकार सामान्य गोल और लचीले होने के बजाय सिकल यानी हंसिए जैसा, कठोर और चिपचिपा हो जाता है। इस वजह से रक्त का प्रवाह अवरुद्ध हो सकता है, जिससे पीड़ित को अत्यधिक दर्द, अंगों को नुकसान और अन्य जटिल समस्याएं हो सकती हैं।


मुख्य लक्षण जिन पर ध्यान देना जरूरी है:

🔴 लगातार बुखार या संक्रमण – रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है जिससे बार-बार संक्रमण होता है।

🔴 तेज दर्द के दौरे (पेन क्राइसिस) – रक्त प्रवाह के अवरोध से अचानक और असहनीय दर्द हो सकता है।

🔴 हाथ-पैरों में सूजन – बच्चों में यह एक प्रारंभिक संकेत हो सकता है, जो रक्त संचार में बाधा के कारण होता है।

🔴 त्वचा या आंखों का पीला होना (पीलिया) – असामान्य रक्त कोशिकाएं जल्दी टूटती हैं जिससे पीलिया हो सकता है।

🔴 शारीरिक विकास में देरी – बच्चों की लंबाई और वजन सामान्य से कम हो सकता है।

🔴 थकान और सांस फूलना – रक्त में ऑक्सीजन की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी होती है।

🔴 तिल्ली (स्प्लीन) का बढ़ना – पेट में सूजन का कारण बनता है और इमरजेंसी स्थिति उत्पन्न कर सकता है।

🔴 पेशाब में खून आना – यह गुर्दों पर असर का संकेत हो सकता है।

🔴 पैरों में अल्सर – विशेष रूप से वयस्कों में दिखाई देने वाले यह घाव लंबे समय तक ठीक नहीं होते।


समय पर कार्रवाई क्यों है जरूरी?

सिकल सेल एनीमिया का शीघ्र निदान न केवल दर्द और जटिलताओं को कम करता है, बल्कि रोगी को बेहतर जीवन जीने का अवसर भी देता है। सही समय पर दवाइयों (जैसे हाइड्रॉक्सी यूरिया), ब्लड ट्रांसफ्यूजन, दर्द प्रबंधन और रोकथाम उपचारों की मदद से रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय का यह कदम सराहनीय है, जो जागरूकता फैलाकर समाज को सशक्त बनाने की दिशा में बढ़ाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। परिवारों को चाहिए कि वे इस रोग को लेकर सतर्क रहें, बच्चों में बदलावों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर शीघ्र डॉक्टर से संपर्क करें।


निष्कर्ष:
सिकल सेल एनीमिया को अनदेखा करना जानलेवा साबित हो सकता है। लेकिन समय रहते पहचान और उपचार के जरिए रोगी को सामान्य जीवन की ओर लौटाया जा सकता है। इसलिए जागरूक बनें, दूसरों को भी जागरूक करें, और जीवन बचाने में भागीदार बनें।

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