प्रयागराज में चंद्रशेखर आज़ाद को किया गया हाउस अरेस्ट, समर्थकों का उग्र प्रदर्शन, हालात हुए तनावपूर्ण

प्रयागराज, 29 जून 2025 — आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को रविवार को उस समय हाउस अरेस्ट कर लिया गया, जब वह कौशांबी और करछना में हाल में हुई हिंसात्मक घटनाओं के पीड़ित परिवारों से मिलने जा रहे थे। प्रशासनिक आदेश के तहत उन्हें प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस में रोका गया, जिस पर उन्होंने अपने समर्थकों के साथ वहीं धरना देना शुरू कर दिया।
समर्थकों ने किया उग्र प्रदर्शन, पुलिस-प्रशासन पर पथराव
चंद्रशेखर आज़ाद की नजरबंदी के विरोध में करीब 5000 समर्थकों ने करछना क्षेत्र में सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया। हालात इस कदर बिगड़े कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और बसों पर पथराव किया। जानकारी के अनुसार, पुलिस की 8 सरकारी गाड़ियों और 7 निजी वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया।
भडेवरा बाजार इलाके में स्थिति और भी भयावह हो गई जब भीड़ ने पुलिस बल और आम नागरिकों पर ईंट-पत्थरों की बारिश कर दी। इस अचानक हुई हिंसा में भगदड़ मच गई, जिसमें 15 लोग — जिनमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं — घायल हो गए। दुकानों पर भी जमकर पथराव हुआ और खासतौर पर सवर्ण समुदाय से जुड़ी दुकानों को निशाना बनाया गया।
पुलिस का एक्शन: लाठीचार्ज, अतिरिक्त फोर्स की तैनाती
स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया, लेकिन भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं थी। हालात को गंभीरता से लेते हुए नैनी, औद्योगिक क्षेत्र, करछना, घूरपुर, कौंधियारा, कीडगंज, बारा और मुट्ठीगंज थानों की पुलिस को करछना भेजा गया।
भीड़ को काबू करने के लिए पीएसी (प्रांतीय सशस्त्र बल) और आरएएफ (दंगा नियंत्रण बल) को भी मौके पर बुलाया गया। करीब पांच घंटे तक चले बवाल के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया। इस दौरान भीम आर्मी के 17 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
चंद्रशेखर को वाराणसी स्थानांतरित, दिल्ली रवाना होने की तैयारी
रात लगभग 8 बजे, भारी पुलिस सुरक्षा में चंद्रशेखर आज़ाद को प्रयागराज से वाराणसी भेजा गया। उनके समर्थकों में इसे लेकर गहरा आक्रोश देखा गया। जानकारी के अनुसार, वह 30 जून की सुबह 9 बजे वाराणसी एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
मिली हत्या की धमकी, पार्टी ने उठाई गिरफ्तारी की मांग
उधर, आजाद समाज पार्टी की ओर से यह दावा किया गया है कि पार्टी के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर सांसद चंद्रशेखर को 10 दिन के भीतर जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकी व्हाट्सऐप के जरिए भेजी गई, जिसमें इस्तेमाल किया गया मोबाइल नंबर 7524989974 है।
पार्टी ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि प्रशासन इसे नजरअंदाज करता है, तो वे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
निष्कर्ष:
चंद्रशेखर आज़ाद की हाउस अरेस्ट की घटना ने प्रयागराज सहित पूरे प्रदेश में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है। समर्थकों का विरोध, पुलिस की कार्रवाई, और मिली जान से मारने की धमकी — इन सभी घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और सरकार इन मुद्दों से कैसे निपटती है।
