यूरोप और जापान: 21वीं सदी में साझा स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की नई राह

टोक्यो/ब्रुसेल्स, 23 जुलाई 2025 (HIT AND HOT NEWS):
एक वैश्विक बदलाव की पुकार के साथ, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोप और जापान के बीच गहरे सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को नए सिरे से परिभाषित करने का समय आ गया है—एक ऐसा दृष्टिकोण जो केवल आपसी सहयोग और साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर ही साकार हो सकता है।
जापानी अधिकारियों के साथ मंच साझा करते हुए वॉन डेर लेयेन ने कहा, “अब समय है कि हम स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता के लिए एक नया मॉडल विकसित करें। यह तभी संभव है जब लोकतांत्रिक साझेदार—जैसे यूरोप और जापान—अपने रिश्तों को और मज़बूत करें।”
इस संवाद का मकसद सिर्फ राजनीतिक साझेदारी नहीं था, बल्कि एक वैश्विक परिप्रेक्ष्य से यह संदेश देना था कि वर्तमान युग में ‘स्वतंत्रता’ का अर्थ अलगाव नहीं बल्कि आपसी सहयोग और एकजुटता है। आर्थिक संकटों, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और सुरक्षा खतरों के बीच, यूरोपीय संघ और जापान एक-दूसरे के लिए स्थिरता, नवाचार और रणनीतिक सहयोग का प्रमुख स्तंभ बनते जा रहे हैं।
वॉन डेर लेयेन ने कहा, “हम अपनी संप्रभुता को अलग-थलग रहकर नहीं, बल्कि एकजुट होकर बचा सकते हैं। यह साझेदारी सिर्फ हमारे आत्मनिर्भर भविष्य के निर्माण की बात नहीं है, बल्कि एक-दूसरे को सशक्त करने की दिशा में कदम है।”
यह कार्यक्रम न केवल कूटनीतिक वार्ता का प्रतीक था, बल्कि एक ऐसी वैश्विक सोच का संकेत भी देता है जिसमें लोकतांत्रिक राष्ट्र तकनीकी, आर्थिक और सामरिक मोर्चों पर मिलकर दुनिया के लिए एक सुरक्षित और स्वतंत्र भविष्य गढ़ सकते हैं। साझा मूल्यों और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था को मजबूती देने की इस पहल को वैश्विक स्तर पर एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
यूरोप और जापान के इस नवगठित सहयोग को आने वाले वर्षों में वैश्विक नीति निर्धारण में एक निर्णायक भूमिका निभाते हुए देखा जा रहा है।
