फ़रवरी 13, 2026

कांग्रेस का 11 अगस्त को विशेष बैठक का ऐलान – मतदाता सूची में हेरफेर के खिलाफ देशव्यापी मुहिम पर चर्चा

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प्रस्तावना
भारतीय राजनीति में चुनावी पारदर्शिता और निष्पक्षता हमेशा से बहस का केंद्र रही है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा “मतदाता धोखाधड़ी” के गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद, कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर एक देशव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसी संदर्भ में 11 अगस्त को पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है।

बैठक का उद्देश्य
यह बैठक नई दिल्ली के 24, अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित होगी, जिसमें एआईसीसी (AICC) के महासचिव, प्रभारियों और अग्रिम संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे। मुख्य एजेंडा होगा – मतदाता सूची में कथित हेरफेर, फर्जी नाम और चुनावी धांधली के खिलाफ रणनीति बनाना।

राहुल गांधी के आरोप और संदर्भ
राहुल गांधी ने 7 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस को 16 लोकसभा सीटें जीतने का अनुमान था, लेकिन केवल एक सीट मिली। उन्होंने दावा किया कि महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1,00,250 वोट चोरी हुए। उनके मुताबिक, यह वोट चोरी अलग-अलग तरीकों से की गई –

  • एक ही पते पर डुप्लीकेट मतदाता
  • फर्जी और अमान्य पते
  • एक पते पर असामान्य संख्या में मतदाता पंजीकरण (50-60 लोग एक भवन में)

विशेष रूप से महादेवपुरा का मामला
राहुल गांधी के अनुसार, 2024 के चुनाव आयोग के आंकड़ों में महादेवपुरा में कांग्रेस को 1,15,586 वोट मिले, जबकि बीजेपी को 2,29,632 वोट मिले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने राज्य की सभी विधानसभाओं में बढ़त बनाई, लेकिन महादेवपुरा में अप्रत्याशित हार हुई, और इसका कारण वोट चोरी है।

कांग्रेस की आगे की रणनीति
कांग्रेस इस मुद्दे को केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी पारदर्शिता के लिए एक “करो या मरो” अभियान में बदलना चाहती है। बिहार में विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण का भी पार्टी विरोध कर रही है, जिसमें अन्य INDIA गठबंधन के दल भी शामिल हैं।

निष्कर्ष
मतदाता सूची में कथित हेरफेर और वोट चोरी का मुद्दा केवल एक राजनीतिक बहस नहीं, बल्कि लोकतंत्र के मूल सिद्धांत से जुड़ा प्रश्न है। 11 अगस्त की यह बैठक तय करेगी कि कांग्रेस इस अभियान को किस तरह राष्ट्रीय स्तर पर ले जाकर मतदाता अधिकारों की रक्षा के लिए कदम बढ़ाएगी।


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