यूक्रेन-रूस टकराव के बीच ज़ेलेंस्की और पीएम मोदी की टेलीफोन वार्ता, न्यूयॉर्क में आमने-सामने मिलने की संभावना

कीव/नई दिल्ली — यूक्रेन और रूस के बीच लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा की। बातचीत के दौरान ज़ेलेंस्की ने सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान व्यक्तिगत मुलाकात का प्रस्ताव रखा, ताकि दोनों देश विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकें।
ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया मंच “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह वार्ता बेहद सार्थक रही। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को इस कठिन दौर में यूक्रेन के लिए भारत की निरंतर सहानुभूति और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि वैश्विक एकता के संदेश को आगे बढ़ाना आज बेहद ज़रूरी है।
सूत्रों के मुताबिक, इस टेलीफोन वार्ता में यूक्रेन की वर्तमान स्थिति, मानवीय सहायता, तथा दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग के नए आयामों पर भी चर्चा हुई। ज़ेलेंस्की ने हाल के रूसी हमलों, विशेषकर ज़ापोरिज्जिया में एक बस स्टेशन पर हुए हमले का ज़िक्र किया, जिसमें कई लोग हताहत हुए। उन्होंने कहा कि जब संवाद के माध्यम से संघर्ष रोका जा सकता है, तब भी रूस अपनी आक्रामक कार्रवाई जारी रखे हुए है।
पीएम मोदी ने वार्ता में दोहराया कि भारत सदैव शांति, संवाद और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत यूक्रेन को मानवीय सहायता देना जारी रखेगा और किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी सकारात्मक भूमिका निभाता रहेगा।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब युद्ध का प्रभाव वैश्विक राजनीति, ऊर्जा आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा पर गंभीर रूप से पड़ रहा है। भारत, जो संघर्ष की शुरुआत से ही संतुलित रुख अपनाए हुए है, इस संवाद के माध्यम से एक बार फिर स्पष्ट संदेश देता है कि वह किसी भी पक्ष का पक्षधर बने बिना स्थायी शांति की दिशा में प्रयासरत है।
