फ़रवरी 14, 2026

☀️ भारत ने हासिल किया 100 गीगावॉट सोलर पीवी मॉड्यूल निर्माण क्षमता का ऐतिहासिक मील का पत्थर

0

भारत ने अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। देश ने एएलएमएम (Approved List of Models and Manufacturers) के तहत 100 गीगावॉट (GW) सोलर फोटोवोल्टाइक (PV) मॉड्यूल निर्माण क्षमता का लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। यह मील का पत्थर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2014 में देश की सौर पीवी मॉड्यूल निर्माण क्षमता केवल 2.3 गीगावॉट थी, जो 2025 में बढ़कर 100 गीगावॉट तक पहुँच गई है। यह वृद्धि न केवल तकनीकी प्रगति का उदाहरण है, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक मजबूत संकेत है।

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस उपलब्धि पर कहा कि यह भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा का एक अहम पड़ाव है, जो देश को हरित और सतत विकास की ओर अग्रसर करेगा। इससे घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और आयात पर निर्भरता में कमी आएगी।

🔆 मुख्य तथ्य:

  • 2014: 2.3 GW निर्माण क्षमता
  • 2025: 100 GW निर्माण क्षमता
  • उद्देश्य: ऊर्जा आत्मनिर्भरता, हरित विकास और कार्बन उत्सर्जन में कमी

यह उपलब्धि भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘नेट ज़ीरो उत्सर्जन’ के लक्ष्यों को मजबूत आधार देती है, और वैश्विक स्तर पर भारत को सौर ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी देशों की श्रेणी में स्थापित करती है।


प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

इन्हे भी देखें