✈️ राजस्थान के कोटा-बूंदी में नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट: विकास की ओर एक नई उड़ान

राजस्थान के शिक्षा नगरी कोटा और ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध बूंदी अब आधुनिक हवाई संपर्क से जुड़ने जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में इस क्षेत्र में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की स्थापना को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह निर्णय न केवल हवाई यात्रा के नए अवसर खोलेगा, बल्कि स्थानीय उद्योग, शिक्षा, रोजगार और पर्यटन को भी अभूतपूर्व गति देगा।
📌 एयरपोर्ट परियोजना की प्रमुख झलकियाँ
- स्थान: कोटा-बूंदी, राजस्थान
- अनुमानित निवेश: लगभग ₹1,500 करोड़
- वार्षिक यात्री क्षमता: 20 लाख यात्री
- पीक ऑवर क्षमता: 1,000 यात्री
🏗️ प्रस्तावित ढांचे और सुविधाएँ
- लगभग 20,000 वर्ग मीटर में फैला टर्मिनल भवन
- 3,200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे, बड़े विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त
- 7 पार्किंग बे (A-321 जैसे बड़े विमानों के लिए)
- दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी टावर और तकनीकी ब्लॉक
- अग्निशमन केंद्र, वाहन पार्किंग और आधुनिक सहायक सुविधाएँ
🌍 क्षेत्रीय विकास पर संभावित प्रभाव
कोटा-बूंदी क्षेत्र अपनी शैक्षणिक पहचान (IIT, कोचिंग संस्थान), औद्योगिक इकाइयों और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। अब एयरपोर्ट निर्माण से—
- छात्रों व अभिभावकों के लिए यात्रा आसान होगी
- स्थानीय उद्योगों में निवेश आकर्षित होगा
- युवाओं के लिए रोजगार सृजन होगा
- बूंदी किला, चित्रशाला और हाड़ौती क्षेत्र के अन्य पर्यटन स्थल ज्यादा सुलभ होंगे
🗣️ स्थानीय उम्मीदें और चुनौतियाँ
लोग इस परियोजना को लेकर उत्साहित हैं, मगर कुछ सवाल भी सामने आए हैं। किशनगढ़ एयरपोर्ट की तरह यहां भी यात्री मांग की सटीक गणना और दीर्घकालिक योजना पर जोर देने की आवश्यकता बताई जा रही है। यदि पारदर्शिता और सही रणनीति अपनाई गई तो यह एयरपोर्ट आने वाले दशकों तक क्षेत्रीय विकास का केंद्र बन सकता है।
🔍 निष्कर्ष
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि राजस्थान की नई पहचान बनने जा रहा है। यह परियोजना शिक्षा, उद्योग और पर्यटन को नई दिशा देते हुए पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए समृद्धि और अवसरों का प्रवेश द्वार सिद्ध हो सकती है।
