फ़रवरी 12, 2026

परिचय
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में हृदयघात (Heart Attack) और स्ट्रोक (Stroke) जैसी बीमारियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। यह दोनों ही स्थितियाँ अचानक आती हैं और रोगी के जीवन पर सीधा खतरा पैदा करती हैं। अगर समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती हैं।


हृदयघात क्या है?

हृदयघात तब होता है जब हृदय की मांसपेशियों तक रक्त का प्रवाह अचानक रुक जाता है। यह आमतौर पर हृदय की धमनियों (Coronary Arteries) में रुकावट या ब्लॉकेज के कारण होता है।

मुख्य लक्षण:

  • सीने में तेज दर्द या दबाव
  • दर्द का कंधे, बांह या पीठ तक फैलना
  • सांस लेने में तकलीफ
  • अत्यधिक पसीना आना
  • कमजोरी और घबराहट

मुख्य कारण:

  • अधिक कोलेस्ट्रॉल
  • उच्च रक्तचाप
  • धूम्रपान और शराब का सेवन
  • मोटापा और व्यायाम की कमी
  • तनावपूर्ण जीवनशैली

स्ट्रोक क्या है?

स्ट्रोक मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारी है। जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह रुक जाता है या रक्तस्राव हो जाता है, तब स्ट्रोक होता है।

प्रमुख लक्षण:

  • चेहरे या शरीर के किसी हिस्से में अचानक सुन्नपन
  • बोलने में कठिनाई या अस्पष्ट भाषा
  • एक आँख या दोनों आँखों से धुंधला दिखना
  • संतुलन खोना और चक्कर आना
  • तेज सिरदर्द

मुख्य कारण:

  • उच्च रक्तचाप
  • मधुमेह
  • धूम्रपान
  • अनियमित जीवनशैली
  • अधिक उम्र या आनुवंशिक कारण

बचाव के उपाय

  1. संतुलित आहार – तैलीय, नमक और शर्करा युक्त भोजन से परहेज करें।
  2. नियमित व्यायाम – प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट पैदल चलना या योग करें।
  3. धूम्रपान और शराब से दूरी – ये हृदय और मस्तिष्क दोनों को नुकसान पहुँचाते हैं।
  4. तनाव नियंत्रण – ध्यान, प्राणायाम और सकारात्मक सोच अपनाएँ।
  5. नियमित जांच – रक्तचाप, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जाँच समय-समय पर कराते रहें।

निष्कर्ष

हृदयघात और स्ट्रोक दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हैं जो जीवन को अचानक संकट में डाल सकती हैं। इनके शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। सही जीवनशैली, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार से इन बीमारियों से बचाव संभव है।


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