ट्रंप ने याद किया 2018 शीतकालीन ओलंपिक, उत्तर और दक्षिण कोरिया संबंधों में अपनी भूमिका पर डाला प्रकाश

वॉशिंगटन डीसी, 26 अगस्त 2025
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्यंग के साथ द्विपक्षीय बैठक में उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों में अपनी भूमिका को रेखांकित किया। ट्रंप ने इस दौरान 2018 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से उस समय दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव कम हुआ और खेलों का सफल आयोजन संभव हो पाया।
ट्रंप ने कहा, “किम जोंग उन और मेरे बीच अच्छे संबंध रहे हैं। अगर हिलरी क्लिंटन चुनाव जीत जातीं, तो यह एक आपदा होती। हमने उत्तर और दक्षिण कोरिया को लेकर सकारात्मक कदम उठाए और मुझे लगता है कि मैं अन्य किसी भी दक्षिण कोरियाई नेता की तुलना में इस दिशा में अधिक सफल रहा।”
उन्होंने 2018 शीतकालीन ओलंपिक की यादें साझा करते हुए बताया कि उस समय उत्तर कोरिया से शत्रुता के कारण लोग टिकट खरीदने से डर रहे थे। स्टेडियम में धमाके की आशंका ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था। लेकिन जब उत्तर कोरिया ने अचानक ओलंपिक में हिस्सा लेने और अपनी टीमें भेजने की इच्छा जताई, तो हालात बदल गए। इसके बाद टिकटों की बिक्री तेज हुई और खेलों को बड़ी सफलता मिली।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उस समय दक्षिण कोरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति मून जे-इन ने भी स्वीकार किया था कि उनके हस्तक्षेप के बिना ओलंपिक असफल हो सकते थे। ट्रंप ने कहा, “मून जे-इन ने खुद कहा था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप नहीं होते, तो ओलंपिक पूरी तरह नाकाम हो जाते।”
उन्होंने मजाकिया अंदाज में जोड़ा, “यह सच है कि जब किसी को लगता है कि उस पर परमाणु हमला हो सकता है, तो टिकट बेचना आसान नहीं होता।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस मौके पर दक्षिण कोरिया की भी सराहना की और कहा कि देश ने ओलंपिक खेलों का शानदार आयोजन किया। साथ ही उन्होंने उत्तर कोरिया के परमाणु खतरे की ओर भी ध्यान दिलाया, जो आज भी एक वैश्विक चिंता का विषय है।
