फ़रवरी 14, 2026

चित्रकूट में अपराध का साया: बदमाशों के बढ़ते आतंक पर प्रशासन मौन

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चित्रकूट, जो कभी अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान के लिए प्रसिद्ध था, आज अपराध और बदमाशों की घटनाओं से जूझ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रोज़ाना मारपीट, लूटपाट और हिंसक वारदातें अब आम बात हो चुकी हैं। स्थिति यह है कि आम आदमी न तो अपने घर में और न ही बाहर सुरक्षित महसूस कर रहा है।

आम जनता में भय और असुरक्षा

मार्केट से लेकर गाँवों तक, अपराधियों का खौफ साफ़ देखा जा सकता है। छोटे दुकानदारों से रंगदारी माँगी जा रही है, राहगीरों से मोबाइल और पैसे छीने जा रहे हैं, और विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट की जा रही है। महिलाएँ और बुज़ुर्ग तो और भी ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

प्रशासन की ढिलाई बनी वजह

स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की लापरवाही ने अपराधियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। शिकायत करने पर भी अक्सर रिपोर्ट दर्ज नहीं होती या कार्रवाई में लापरवाही बरती जाती है। कई मामलों में आरोपी खुलेआम घूमते नज़र आते हैं, जिससे लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा टूट रहा है।

पर्यटन और व्यापार पर असर

चित्रकूट को धार्मिक पर्यटन का केंद्र माना जाता है, लेकिन बढ़ते अपराधों का असर यहाँ के कारोबार और पर्यटन पर भी पड़ रहा है। बाहर से आने वाले यात्री असुरक्षा के कारण यहाँ रुकने से कतराने लगे हैं। इसका सीधा नुकसान स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों को झेलना पड़ रहा है।

जनता की माँग

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अपराधियों पर कड़ा अंकुश नहीं लगाया गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। जनता प्रशासन से यह मांग कर रही है कि गश्त बढ़ाई जाए, अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो और पीड़ितों की शिकायतें तुरंत दर्ज की जाएँ।


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