फ़रवरी 14, 2026

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2025–26 : शिक्षा में पर्यावरणीय जागरूकता की नई पहल

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भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय (विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम लेकर आया है – स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025–26। इस योजना का उद्देश्य केवल विद्यालयों की सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों में पर्यावरण-जागरूकता, ऊर्जा-संरक्षण और स्थायित्व जैसे मूल्यों को आत्मसात कराना भी है।

पिछली सफलता से मिली प्रेरणा

पिछले संस्करण में आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले का मंडल परिषद प्राथमिक विद्यालय (MPPS) राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ था। इस विद्यालय ने स्वच्छता, हरियाली और सतत विकास के क्षेत्र में बेहतरीन प्रयास किए और यह अन्य विद्यालयों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बन गया।

नई पहल के अवसर

2025–26 के इस नए चरण में देशभर के विद्यालयों को यह मौका मिलेगा कि वे अपनी पहल और नवाचारों को प्रस्तुत करें। विद्यालय यदि स्वच्छ जल प्रबंधन, अपशिष्ट पुनर्चक्रण, हरित ऊर्जा उपयोग और सुरक्षित शिक्षण वातावरण को प्राथमिकता देंगे, तो उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिल सकती है।

पंजीकरण प्रक्रिया

सरकार ने इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए आसान ऑनलाइन व्यवस्था की है। कोई भी विद्यालय shvr.education.gov.in पोर्टल पर जाकर सरल चरणों में पंजीकरण कर सकता है। इस प्रकार, हर विद्यालय को यह अवसर मिलेगा कि वह स्वयं को “स्वच्छ और हरित विद्यालय” के रूप में स्थापित करे।

विद्यार्थियों के लिए महत्व

यह पहल केवल विद्यालय की छवि को निखारने तक सीमित नहीं है। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि विद्यार्थी छोटी उम्र से ही स्वच्छता और पर्यावरण-संरक्षण के महत्व को समझेंगे। इससे उनमें जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित होगी और वे अपने जीवन में टिकाऊ आदतों को अपनाएंगे।


निष्कर्ष

स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (SHVR) 2025–26 केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक ऐसा आंदोलन है जो शिक्षा को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ता है। इस प्रयास से विद्यालय न सिर्फ अध्ययन का केंद्र बनेंगे, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों को हरित और सुरक्षित जीवन जीने की दिशा में मार्गदर्शन भी देंगे।


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