युद्ध के दौर में ज़ेलेंस्की का सन्देश: “प्रतिबंध ही शांति की कुंजी”

कीव: रूस-यूक्रेन संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है, और इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से सख़्त अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि अब सहयोगी देशों को रूस पर प्रतिबंध लगाने में किसी भी प्रकार की ढिलाई या देरी से बचना होगा।
ज़ेलेंस्की का कहना है कि शांति सिर्फ़ एक विचार नहीं, बल्कि वह मार्ग है जिस पर आगे बढ़कर युद्ध की स्थिति से बाहर निकला जा सकता है। उन्होंने जोर दिया कि यूरोप, अमेरिका, जी-7 और जी-20 जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठन यदि वास्तव में स्थिरता चाहते हैं, तो उन्हें अब निर्णायक कदम उठाने होंगे।
राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं हैं, बल्कि वे रूस को युद्ध रोकने और शांति वार्ता की दिशा में लाने का महत्वपूर्ण साधन हैं। उनका तर्क है कि जब तक मॉस्को पर लगातार दबाव नहीं बनेगा, तब तक संघर्ष की स्थिति समाप्त होना मुश्किल है।
अपने वक्तव्य में ज़ेलेंस्की ने यह भी कहा कि यदि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन खुद शांति का रास्ता नहीं चुनते, तो वैश्विक समुदाय को उन्हें इसके लिए मजबूर करना होगा। यह बयान यूक्रेन की गंभीर परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अनिवार्यता को दर्शाता है।
यह अपील ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में रूस के खिलाफ और कठोर प्रतिबंध लगाने तथा यूक्रेन को और मज़बूत समर्थन देने पर चर्चाएं तेज़ हैं। ज़ेलेंस्की का मानना है कि केवल भाषण और बयानों से बदलाव संभव नहीं है; ठोस नीतियों और वास्तविक कार्यवाही से ही शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
उनका यह संदेश न केवल यूक्रेन की सुरक्षा के लिए बल्कि पूरे विश्व की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक सीधा आह्वान है—एकजुट होकर निर्णायक कदम उठाने का।
क्या
