फ़रवरी 15, 2026

इजराइल की सुरक्षा ढाल: यमाम यूनिट की 50वीं वर्षगांठ

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इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में यमाम यूनिट की स्वर्ण जयंती (50वीं वर्षगांठ) पर विशेष सरकारी बैठक आयोजित की। इस अवसर पर उन्होंने यमाम की वीरता और योगदान को सराहते हुए कहा कि दुनिया में बंधक मुक्त कराने और आतंकवाद से निपटने के क्षेत्र में यमाम जैसी कोई दूसरी यूनिट नहीं है। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस यूनिट के योद्धाओं ने आग और गोलियों के बीच से निर्दोष नागरिकों को सुरक्षित निकाला है और असंभव दिखने वाले अभियानों को अंजाम दिया है।

यमाम की स्थापना की पृष्ठभूमि

यमाम (YaMaM), जिसका पूरा नाम “येशिवात् मितुखदिम मेयुहेदेत” है, इजराइल पुलिस की विशेष काउंटर-टेररिज़्म और बंधक बचाव इकाई है। इसकी स्थापना 1974 में उस समय हुई, जब मा’लॉट नरसंहार में 25 बच्चों सहित 31 निर्दोष लोगों की जान चली गई थी। इस दर्दनाक घटना ने इजराइल को यह सिखाया कि एक समर्पित, तेज़ और प्रशिक्षित बल की आवश्यकता है, जो बंधक संकट और आतंकवादी हमलों से तुरंत और निर्णायक तरीके से निपट सके।

वीरता और पेशेवर क्षमता

पिछले पाँच दशकों में यमाम ने असंख्य चुनौतीपूर्ण अभियानों को सफलता पूर्वक अंजाम दिया है। यह यूनिट अपनी उच्चस्तरीय ट्रेनिंग, गोपनीय रणनीति और साहसिक कार्यों के लिए जानी जाती है। यमाम के जवान केवल इजराइल ही नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे कुशल विशेष बलों में गिने जाते हैं।

कार्यक्षेत्र और दायित्व

यमाम का मिशन केवल आतंकियों के खात्मे तक सीमित नहीं है। यह यूनिट—

  • बंधकों की सुरक्षित रिहाई,
  • खतरनाक अपराधियों की गिरफ्तारी,
  • और संवेदनशील खुफिया अभियानों में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।

इसके सैनिक लगातार कठिन और वास्तविक परिस्थितियों जैसे प्रशिक्षण से गुजरते हैं ताकि किसी भी परिस्थिति में वे तुरंत कार्रवाई कर सकें।

नेतन्याहू का संदेश

प्रधानमंत्री नेतन्याहू का यह वक्तव्य न सिर्फ यमाम के महत्व को रेखांकित करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि इजराइल की जनता इस यूनिट को कितनी गहरी श्रद्धा और सम्मान की दृष्टि से देखती है। उन्होंने अपने संदेश में यमाम के प्रति पूरे राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त की और इसे इजराइल की सुरक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बताया।

बलिदानों की स्मृति

यमाम की 50वीं वर्षगांठ केवल एक सैन्य इकाई की उपलब्धि का जश्न नहीं है, बल्कि यह उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं की याद भी दिलाती है जिन्होंने इजराइल की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। यह समारोह इस बात का प्रमाण है कि देश की सुरक्षा में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा।


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