फ़रवरी 15, 2026

इमैनुएल मैक्रों की मॉरीशस यात्रा: हिंद महासागर में रणनीतिक सहयोग का नया अध्याय

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फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 20 नवंबर 2025 को मॉरीशस की ऐतिहासिक यात्रा की, जिसने उनके पांच दिवसीय अफ्रीकी दौरे की औपचारिक शुरुआत की। यह यात्रा केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में फ्रांस की रणनीतिक सक्रियता को एक नई दिशा देने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।


🇫🇷 गरिमामय स्वागत और उच्चस्तरीय वार्ता

पोर्ट लुई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम ने परंपरागत सम्मान के साथ मैक्रों का स्वागत किया। उनके साथ उप प्रधानमंत्री पॉल बेरेन्जर, विपक्ष के नेता जो लेसजोंगार्ड और संसद की अध्यक्ष शिरीन औमीरुद्दी-ज़िफरा भी मौजूद रहे।
यह व्यापक प्रतिनिधित्व दर्शाता है कि मॉरीशस फ्रांस के साथ अपने संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


🌍 हिंद महासागर सहयोग को नए आयाम

मैक्रों ने अपनी यात्रा को “सम्मान, सहभागिता और साझा उद्देश्य” पर आधारित बताया। उन्होंने मॉरीशस को हिंद महासागर का “महत्वपूर्ण रणनीतिक केंद्र” बताया — एक ऐसा स्थान जहाँ पर्यावरण संरक्षण, समुद्री निगरानी, ब्लू इकॉनमी, तकनीकी विकास और क्षेत्रीय व्यापार में साझेदारी के अनेक अवसर हैं।
फ्रांस का उद्देश्य इस क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करना है, जिसमें मॉरीशस एक प्रमुख साथी बनकर उभरा है।


📈 मॉरीशस: हिंद महासागर की उभरती हुई अर्थव्यवस्था

लगभग 12 लाख की जनसंख्या वाला मॉरीशस अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र में आर्थिक सफलता का एक प्रमुख उदाहरण बन चुका है।
विश्व बैंक के अनुसार, देश का प्रति व्यक्ति जीडीपी €8,600 से अधिक है, जो इसे एक मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करता है।
रीयूनियन द्वीप के उत्तरी पड़ोस में स्थित होने के कारण फ्रांस और मॉरीशस के बीच भौगोलिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्ते भी गहरे हैं।


🤝 द्विपक्षीय संबंधों में नई ऊर्जा

1993 में फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांकोइस मितरां की यात्रा के बाद पहली बार कोई फ्रांसीसी राष्ट्रपति मॉरीशस पहुँचे हैं।
मैक्रों ने अपनी यात्रा को “विन-विन सहयोग” की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।
अपने विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने युवाओं, उद्यमियों और सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर शिक्षा, डिजिटल नवाचार, समुद्री तकनीक और पर्यावरणीय प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूती देने पर चर्चा की।


🌐 आगामी एजेंडा और कूटनीतिक मिशन

मॉरीशस यात्रा के बाद मैक्रों दक्षिण अफ्रीका में आयोजित G20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे, जहाँ वे अल्जीरिया के राष्ट्रपति से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयास करेंगे।
इसके बाद गाबोन और अंगोला की आधिकारिक यात्राएँ भी उनके कार्यक्रम का हिस्सा हैं, जिनमें वे फ्रांस की अफ्रीका नीति को और अधिक व्यावहारिक और संतुलित बनाने पर जोर देंगे।


निष्कर्ष

इमैनुएल मैक्रों की यह यात्रा फ्रांस और मॉरीशस के बीच संबंधों में एक निर्णायक मोड़ के रूप में उभरकर सामने आई है।
यह न सिर्फ द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करती है, बल्कि पूरे हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता, टिकाऊ विकास और क्षेत्रीय सहयोग के नए अवसर भी प्रस्तुत करती है।
फ्रांस की यह कूटनीतिक पहल भविष्य की भू-राजनीतिक रणनीतियों को भी प्रभावित करती है, जिसका लाभ दोनों देशों को दीर्घकालिक रूप से मिलेगा।


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