फ़रवरी 14, 2026

नैन्सी पेलोसी बनाम ट्रंप: अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर ‘बिग, अग्ली बिल’ को लेकर सियासी संग्राम

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अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर आर्थिक नीतियों को लेकर तीखी बयानबाज़ी शुरू हो गई है। अमेरिका की पूर्व हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने 17 दिसंबर 2025 को सोशल मीडिया पर एक कड़ा संदेश साझा करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी की आर्थिक रणनीतियों पर सवालों की बौछार कर दी। उनके इस बयान के बाद ‘बिग, अग्ली बिल’ अमेरिकी राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है।

बेरोज़गारी और नौकरियों पर आरोप

नैन्सी पेलोसी ने अपने पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका में लगातार दो महीनों से रोजगार के अवसर घट रहे हैं और बेरोज़गारी का ग्राफ ऊपर जा रहा है। उनके अनुसार, इसकी मुख्य वजह ट्रंप प्रशासन की आक्रामक टैरिफ नीति और तथाकथित ‘बिग, अग्ली बिल’ है। पेलोसी ने यह भी कहा कि इन फैसलों का सीधा बोझ मेहनतकश परिवारों पर पड़ रहा है, जबकि अर्थव्यवस्था कमजोर होती जा रही है।

सरकारी कटौती या सामाजिक जोखिम?

हाल के आंकड़ों के अनुसार, करीब 2.87 लाख संघीय सरकारी पद समाप्त किए गए हैं। ट्रंप समर्थक इसे गैर-ज़रूरी खर्चों पर रोक लगाने और प्रशासनिक सुधार का कदम बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, निजी क्षेत्र में लगभग 67 हजार नई नौकरियों के जुड़ने का दावा किया गया है, जिसे रिपब्लिकन खेमे ने अपनी नीति की सफलता के रूप में पेश किया।

लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी का मानना है कि इस तरह की कटौतियां अल्पकालिक लाभ तो दिखा सकती हैं, पर लंबे समय में मध्यम वर्ग, बुजुर्गों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं।

‘बिग, अग्ली’ बनाम ‘बिग, ब्यूटीफुल’

जहां डेमोक्रेट्स इस विधेयक को ‘बिग, अग्ली बिल’ कहकर अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक बता रहे हैं, वहीं रिपब्लिकन समर्थक इसे ‘बिग, ब्यूटीफुल बिल’ का नाम दे रहे हैं। उनके अनुसार, इस बिल के ज़रिये करीब 1.6 ट्रिलियन डॉलर की सरकारी फिजूलखर्ची पर रोक लगाई गई है और संसाधनों को राष्ट्रीय हितों तथा अमेरिकी श्रमिकों की ओर मोड़ा गया है।

सोशल मीडिया पर राजनीतिक तूफान

पेलोसी के बयान के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूज़र्स ने इसे आम नागरिकों की आवाज़ बताया, तो कई ने इसे राजनीतिक हताशा करार दिया। ट्रंप समर्थकों का कहना है कि यह कदम अमेरिका को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में है, जबकि आलोचकों का आरोप है कि सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।

निष्कर्ष

नैन्सी पेलोसी का ट्वीट केवल एक बयान नहीं, बल्कि अमेरिका की आर्थिक दिशा को लेकर गहरे वैचारिक टकराव का प्रतीक बन गया है। एक पक्ष इसे सुधार और आत्मनिर्भरता की राह मान रहा है, तो दूसरा इसे संभावित मंदी और सामाजिक असंतुलन का कारण बता रहा है। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि ‘बिग, अग्ली बिल’ अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए वरदान साबित होता है या विवादों का एक और अध्याय बनकर रह जाता है।

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