स्मृति मंधाना की कप्तानी पारी, भारत की दबदबे वाली जीत

चौथे टी20 में श्रीलंका पर 30 रन की शानदार विजय
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने आक्रामक खेल से यह साबित कर दिया कि वह टी20 प्रारूप में लगातार परिपक्व होती जा रही है। श्रीलंका के खिलाफ खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के चौथे मुकाबले में भारत ने 30 रन से जीत दर्ज कर सीरीज को 4-0 से अपने नाम कर लिया। यह मुकाबला तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेला गया, जहां दर्शकों को बल्लेबाजी का रोमांचक प्रदर्शन देखने को मिला।
सलामी जोड़ी ने रचा रनोत्सव
मैच की असली कहानी भारत की सलामी जोड़ी ने लिखी। स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। दोनों के बीच 162 रनों की विशाल साझेदारी हुई, जिसने भारतीय पारी की नींव मजबूत कर दी।
स्मृति मंधाना ने संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन दिखाते हुए 48 गेंदों में 80 रन बनाए। उनकी पारी में मैदान के चारों ओर खेले गए आकर्षक शॉट्स शामिल थे। दूसरी ओर, शैफाली वर्मा ने अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली में 79 रन ठोककर पावरप्ले को पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 222 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।
मानसिक बदलाव और अभ्यास की जीत
मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनीं स्मृति मंधाना ने टी20 क्रिकेट में ढलने को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में टीम ने ज़्यादा वनडे मैच खेले हैं, जिससे छोटे प्रारूप में लय बनाना चुनौतीपूर्ण रहा। लेकिन उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लगातार अभ्यास और स्पष्ट योजना के कारण यह पारी संभव हो सकी।
टीम में सकारात्मक माहौल की झलक
मंधाना ने युवा साथी शैफाली वर्मा की भी जमकर सराहना की। उनके अनुसार, शैफाली का निडर अंदाज़ विपक्षी टीम पर शुरुआत से दबाव बना देता है। उन्होंने कहा कि टीम के भीतर आपसी भरोसा और समर्थन पिछले एक साल में काफी मजबूत हुआ है, जहां हर खिलाड़ी दूसरे की सफलता को अपनी जीत मानती है।
कप्तान हरमनप्रीत की सूझबूझ
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जीत को टीम प्रयास का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि शीर्ष क्रम की शानदार बल्लेबाजी के बाद मध्यक्रम का योगदान भी उतना ही अहम था। उन्होंने रणनीतिक रूप से बल्लेबाजी क्रम में बदलाव कर टीम को फायदा पहुंचाया और परिस्थितियों के अनुसार फैसले लिए।
हरमनप्रीत ने यह भी माना कि फील्डिंग और समय प्रबंधन जैसे पहलुओं पर टीम लगातार काम कर रही है। उनके अनुसार, इस तरह की जीतें आगामी बड़े मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास को मजबूत करती हैं।
आत्मविश्वास की ओर एक और कदम
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने न केवल सीरीज में अपना वर्चस्व साबित किया, बल्कि यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में वह टी20 क्रिकेट में और अधिक खतरनाक रूप में नज़र आएगी। स्मृति मंधाना की नेतृत्वकारी पारी और टीम की एकजुटता इस सफलता की सबसे बड़ी वजह रही।
