फ़रवरी 12, 2026

यूक्रेन–रूस संघर्ष में संवाद की दस्तक: ज़ेलेंस्की–ट्रंप भेंट से जगी शांति की उम्मीद

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लंबे समय से जारी यूक्रेन–रूस युद्ध के बीच कूटनीति के गलियारों में एक नई हलचल देखने को मिली है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो में हुई हालिया मुलाकात को संघर्ष समाधान की दिशा में एक अहम संकेत माना जा रहा है। यह भेंट केवल औपचारिक वार्ता नहीं थी, बल्कि युद्ध के भविष्य को लेकर गंभीर रणनीतिक मंथन का मंच बनी।

संघर्ष की पृष्ठभूमि और अमेरिका की भूमिका

चार वर्षों से अधिक समय से चल रहे इस युद्ध ने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचना और जनजीवन को गहरी चोट पहुंचाई है। दूसरी ओर, वैश्विक राजनीति भी इस संघर्ष से लगातार प्रभावित रही है। अमेरिका, जो अब तक यूक्रेन का प्रमुख समर्थक रहा है, धीरे-धीरे संघर्ष को समाप्त करने के लिए मध्यस्थ की भूमिका में सामने आता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में ट्रंप की पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बातचीत और फिर ज़ेलेंस्की से मुलाकात को एक सुनियोजित कूटनीतिक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

ज़ेलेंस्की का संदेश: सहयोग से ही समाधान

मुलाकात के बाद ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया के माध्यम से अमेरिका के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने संकेत दिया कि शांति केवल दबाव से नहीं, बल्कि आपसी सहयोग और स्पष्ट सुरक्षा आश्वासनों से संभव है। उनका संदेश यूक्रेनी नागरिकों के लिए उम्मीद का प्रतीक बना, जो लंबे समय से युद्ध की विभीषिका झेल रहे हैं।

बातचीत के केंद्रबिंदु

इस उच्चस्तरीय बैठक में कई संवेदनशील और निर्णायक मुद्दों पर विचार हुआ, जिनमें प्रमुख हैं:

  • संघर्षग्रस्त डोनबास क्षेत्र को लेकर संभावित रणनीति
  • ज़ापोरिज़्ज़िया परमाणु ऊर्जा संयंत्र की अंतरराष्ट्रीय निगरानी और सुरक्षा
  • यूक्रेन की संप्रभुता और सीमाओं की दीर्घकालिक गारंटी
  • अमेरिका द्वारा दिए जाने वाले सुरक्षा आश्वासनों का स्वरूप

ज़ेलेंस्की ने सुरक्षा गारंटी पर व्यापक सहमति की बात कही, जबकि ट्रंप ने यह स्वीकार किया कि सभी मुद्दों पर एकमत होना आसान नहीं है, लेकिन समझौते की राह दूर भी नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय नजरिया और अड़चनें

दुनिया के कई देशों और संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। हालांकि, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जमीनी हालात, विशेषकर रूस की सैन्य गतिविधियाँ, शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। इसके बावजूद, यह संवाद ऐसे समय में हुआ है जब सभी पक्ष युद्ध से थकान महसूस कर रहे हैं।

निष्कर्ष: क्या यह मोड़ निर्णायक होगा?

ज़ेलेंस्की और ट्रंप की यह मुलाकात यूक्रेन–रूस युद्ध के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय बन सकती है। यदि यह संवाद आगे बढ़कर व्यावहारिक समझौते का रूप लेता है, तो न केवल यूक्रेन बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी यह एक सकारात्मक संदेश होगा। फिलहाल, यह कहना जल्दबाज़ी होगी कि शांति सुनिश्चित है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि बातचीत की यह पहल अंधेरे में जलती एक मजबूत आशा की लौ है।


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