मलाकपेट सड़क हादसा: हैदराबाद में आरटीसी बस की टक्कर ने छीनी दंपति की ज़िंदगी, फिर सवालों के घेरे में यातायात व्यवस्था

हैदराबाद | 2 जनवरी 2026
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर बहस के केंद्र में है। मलाकपेट थाना क्षेत्र के तिगलागुड़ा इलाके में सोमवार रात हुआ एक भीषण सड़क हादसा दो जिंदगियों के अंत का कारण बन गया। टीजीएसआरटीसी की बस की चपेट में आने से बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
क्या हुआ हादसे की रात?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले के जग्गैयापेट के रहने वाले यह दंपति किसी निजी काम से हैदराबाद आए हुए थे। सोमवार रात लगभग 9 बजे वे बाइक से टैंकबंड की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे तिगलागुड़ा क्षेत्र में पहुंचे, पीछे से आ रही टीजीएसआरटीसी बस ने बाइक को ज़ोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी अचानक और तेज़ थी कि दोनों संभल नहीं पाए।
पुलिस जांच की दिशा
सूचना मिलते ही मलाकपेट पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। बस चालक से पूछताछ की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना लापरवाही का परिणाम थी या किसी तकनीकी चूक का।
आरटीसी बसें और रफ्तार की समस्या
इस हादसे ने शहरी परिवहन व्यवस्था, खासकर सार्वजनिक बस सेवाओं की निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। नागरिकों का कहना है कि कई इलाकों में आरटीसी बसों की तेज़ रफ्तार आम समस्या बन चुकी है। वहीं, दोपहिया चालकों की सुरक्षा भी उतनी ही अहम है, क्योंकि ज़रा-सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।
आम लोगों की प्रतिक्रिया
घटना की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। कई यूज़र्स ने बस चालकों के लिए सख्त प्रशिक्षण और स्पीड मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने की मांग की। कुछ ने शहर में ट्रैफिक पुलिस की सक्रिय मौजूदगी और सड़क सुरक्षा अभियान तेज़ करने पर ज़ोर दिया। स्थानीय लोगों ने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सरकारी सहायता की मांग भी की।
सड़क सुरक्षा: चेतावनी या औपचारिकता?
यह दुर्घटना केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था की याद दिलाती है जहां नियमों का पालन अक्सर औपचारिकता तक सीमित रह जाता है। जब तक सार्वजनिक परिवहन, प्रशासन और नागरिक — तीनों अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, तब तक ऐसे हादसे बार-बार होते रहेंगे।
निष्कर्ष
मलाकपेट का यह हादसा हमें याद दिलाता है कि सड़क पर एक पल की लापरवाही भी पूरी ज़िंदगी बदल सकती है। ज़रूरत है कड़े नियमों, सख्त निगरानी और निरंतर जागरूकता की। वरना विकास की रफ्तार के बीच इंसानी जानें यूं ही खोती रहेंगी।
