भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उदय: तकनीकी क्रांति की ओर एक निर्णायक कदम

भारत सरकार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को राष्ट्रीय विकास का एक प्रमुख स्तंभ मानते हुए IndiaAI मिशन की शुरुआत की है। यह मिशन न केवल तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देता है, बल्कि समावेशी विकास, रोजगार सृजन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य कर रहा है।
🇮🇳 भारतAI मिशन: एक व्यापक दृष्टिकोण
IndiaAI मिशन का उद्देश्य एक ऐसा AI पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है जो लोकल मॉडल्स, साझा कंप्यूटिंग संसाधन, स्टार्टअप्स को पूंजी समर्थन, और नैतिक AI विकास को प्राथमिकता देता है। इस मिशन के तहत:
- ₹10,300 करोड़ से अधिक का निवेश अगले पांच वर्षों में किया गया है
- 38,000 GPUs (Graphics Processing Units) तैनात किए गए हैं, जिससे उच्च क्षमता वाली कंप्यूटिंग संभव हो सकी है
- 6 मिलियन से अधिक लोग तकनीकी और AI क्षेत्र में कार्यरत हैं
- भारतीय टेक सेक्टर 2025 तक $280 बिलियन का राजस्व पार करने की ओर अग्रसर है
- अनुमान है कि AI से 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में $1.7 ट्रिलियन का योगदान हो सकता है
🌐 समावेशी और जिम्मेदार AI की दिशा में
IndiaAI मिशन केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य है कि छात्रों, किसानों, मरीजों और सरकारी संस्थानों तक AI की पहुंच सुनिश्चित की जाए। उदाहरण के लिए:
- स्वास्थ्य सेवाओं में AI की मदद से दूरस्थ क्षेत्रों में निदान और उपचार संभव हुआ है
- कृषि क्षेत्र में फसल चयन, मौसम पूर्वानुमान और कीट नियंत्रण में AI आधारित निर्णय प्रणाली अपनाई जा रही है
- भाषा बाधाओं को तोड़ने के लिए Bhashini जैसे प्लेटफॉर्म विकसित किए गए हैं, जो स्थानीय भाषाओं में डिजिटल सेवाएं प्रदान करते हैं
🌍 वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के 2025 Global AI Vibrancy Tool में भारत को AI प्रतिस्पर्धा में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह रैंकिंग भारत में AI अनुसंधान, स्टार्टअप्स, प्रतिभा और नीति निर्माण में हो रही प्रगति को दर्शाती है।
इसके अलावा, भारत फरवरी 2026 में India–AI Impact Summit की मेज़बानी करेगा, जो वैश्विक दक्षिण में पहली AI शिखर बैठक होगी।
🔍 निष्कर्ष
भारत का AI मिशन एक दूरदर्शी और निर्णायक पहल है जो देश को तकनीकी नेतृत्व की ओर ले जा रहा है। यह मिशन न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक प्रभाव के लिहाज़ से भी एक क्रांतिकारी बदलाव का संकेत देता है। भारत अब केवल तकनीकी उपभोक्ता नहीं, बल्कि AI नवाचार का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
