नए साल की शुरुआत में सोना चमका

शुरुआती कारोबार में कीमती धातु की कीमतों में मजबूती
वर्ष 2026 के पहले ही कारोबारी दिनों में सोने की कीमतों ने बाजार में मजबूती के संकेत दिए हैं। नए साल की शुरुआत के साथ ही सर्राफा बाजार में सोने की मांग में इज़ाफा देखने को मिला, जिसके चलते इसके भाव ऊँचे स्तर पर बने हुए हैं। निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर मुड़ता नजर आ रहा है, और सोना इस सूची में सबसे ऊपर है।
अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर
वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और डॉलर में उतार-चढ़ाव का सीधा प्रभाव सोने की कीमतों पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की मजबूती का असर घरेलू बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक निवेशक जोखिम से बचने के लिए सोने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
घरेलू बाजार में मांग बढ़ी
भारत में नए वर्ष के अवसर पर आभूषणों की खरीदारी और निवेश दोनों उद्देश्यों से सोने की मांग बढ़ी है। शादी-विवाह के मौसम और आगामी त्योहारों की तैयारी के चलते ज्वेलर्स की ओर से भी खरीद बढ़ी है, जिससे कीमतों को सहारा मिला है।
निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प
महंगाई और बाजार की अस्थिरता के बीच सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है। यही कारण है कि वर्ष की शुरुआत में ही निवेशकों ने इसमें रुचि दिखाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक हालात ऐसे ही बने रहते हैं, तो आने वाले समय में सोने के भाव और ऊपर जा सकते हैं।
आगे क्या संकेत?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निकट भविष्य में सोने की कीमतें अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और मुद्रा बाजार की चाल पर निर्भर करेंगी। हालांकि, मौजूदा रुझान यह संकेत दे रहे हैं कि नए साल के शुरुआती महीनों में सोना निवेशकों के लिए आकर्षक बना रह सकता है।
