बंदी के दिन शराब की दुकान पर देर रात हंगामा, शटर तोड़ने के प्रयास का आरोप

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कमलेश कुमार

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच

बहराइच/सुजौली। जिले के सुजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत कैलाशपुरी में 2 अक्टूबर की रात शराब की दुकान पर कथित रूप से हंगामा किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, बंदी के दिन देर रात कुछ लोग शराब लेने के लिए कैलाशपुरी स्थित कम्पोजिट शराब की दुकान पर पहुंचे। दुकान बंद होने के कारण जब अंदर मौजूद मुनीम ने दरवाजा नहीं खोला तो कथित तौर पर बाहर मौजूद लोगों ने दुकान का शटर खोलने का प्रयास किया। मामले में दुकान के अनुज्ञापी की ओर से थाना सुजौली में तहरीर देकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, घटना 2 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 12 बजकर 10 मिनट की बताई गई है। उस समय दुकान नियमानुसार बंद थी। आरोप है कि कुछ लोग देर रात शराब खरीदने के उद्देश्य से दुकान पर पहुंचे। दुकान के अंदर मौजूद मुनीम ने बाहर से आवाज आने पर स्थिति को समझा और दुकान का दरवाजा नहीं खोला।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि दुकान नहीं खोले जाने के बाद बाहर मौजूद लोगों ने शटर पर वाहन से कथित रूप से कई बार टक्कर मारी। इससे दुकान के शटर को खोलने या क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किए जाने की आशंका जताई गई है। घटना के दौरान शोर होने से दुकान के अंदर सो रहा मुनीम जाग गया। अचानक हुई गतिविधि से वह कथित तौर पर घबरा गया।

बंद दुकान खुलवाने का बनाया दबाव

शिकायत में कहा गया है कि 2 अक्टूबर को शराब की दुकान बंद होने के बावजूद कुछ लोग शराब लेने के लिए वहां पहुंचे थे। जब उन्हें दुकान बंद होने की जानकारी मिली तो कथित रूप से उन्होंने दुकान खोलने का दबाव बनाया। आरोप है कि दुकान का शटर नहीं खुलने पर वहां मौजूद लोगों ने उसे वाहन से टक्कर मारकर खोलने की कोशिश की।

हालांकि, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था, कितने लोग वहां पहुंचे थे और शटर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किस स्तर तक हुई।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आ सकती है अहम जानकारी

मामले में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के समय दुकान और उसके आसपास लगे कैमरों में गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हो सकती हैं। तहरीर में पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की गई है।

यदि फुटेज में वाहन या संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं तो जांच में उनकी पहचान करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, फुटेज के माध्यम से यह भी पता लगाया जा सकता है कि घटना के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे और दुकान के शटर के साथ वास्तव में क्या हुआ।

बंदी के दौरान दुकान बंद रहने का मामला

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर शराब की दुकानों के बंद रहने का प्रावधान रहता है। ऐसे में दुकान बंद होने के बावजूद देर रात लोगों के वहां पहुंचने का आरोप इस मामले को चर्चा में ले आया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि दुकान बंद होने की जानकारी के बावजूद शराब लेने के लिए दबाव बनाया गया।

शराब की दुकानों के संचालन को लेकर निर्धारित नियमों और बंदी दिवस के प्रावधानों का पालन करना संबंधित विक्रेताओं के लिए आवश्यक होता है। दूसरी ओर, किसी बंद प्रतिष्ठान को जबरन खुलवाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किए जाने की स्थिति में पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

मुनीम की भूमिका भी जांच का हिस्सा हो सकती है

घटना के समय दुकान के अंदर मौजूद मुनीम इस पूरे मामले का प्रत्यक्ष गवाह हो सकता है। तहरीर के अनुसार, शोर सुनकर उसकी नींद खुली और उसने बाहर की गतिविधियों को लेकर स्थिति को समझने का प्रयास किया। पुलिस जांच के दौरान मुनीम से घटना के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि शटर को कितना नुकसान हुआ है और क्या उस पर वाहन की टक्कर के निशान मौजूद हैं। यदि मौके पर कोई भौतिक साक्ष्य मिलता है तो वह भी जांच में उपयोगी हो सकता है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल यह मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर सामने आया है। शिकायतकर्ता ने थाना सुजौली में तहरीर देकर मामले की जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के स्तर से सीसीटीवी फुटेज की जांच, घटनास्थल का निरीक्षण और संबंधित लोगों से पूछताछ किए जाने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में शटर को नुकसान पहुंचाने या जबरन दुकान खुलवाने के प्रयास की पुष्टि होती है तो उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच के निष्कर्ष के आधार पर स्थिति अलग भी सामने आ सकती है। इसलिए फिलहाल घटना में शामिल लोगों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चा

कैलाशपुरी क्षेत्र में देर रात शराब की दुकान पर कथित हंगामे की सूचना के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा है। बंदी के दिन शराब की दुकान बंद रहने के बावजूद वहां लोगों के पहुंचने और शटर खोलने के प्रयास के आरोप ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं।

स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस जांच पर है। यदि सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि होती है तो इससे पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। पुलिस यह भी जांच सकती है कि वाहन किसका था और घटना के समय उसे कौन चला रहा था।

स्थान: कैलाशपुरी, थाना सुजौली, जनपद बहराइच
घटना का समय: 2 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12:10 बजे
मामला: बंदी के दिन शराब की दुकान पर पहुंचने और शटर खोलने के कथित प्रयास की शिकायत
जांच का आधार: तहरीर, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्य

फिलहाल मामले का मुख्य आधार दुकान के अनुज्ञापी की ओर से दी गई तहरीर और कथित सीसीटीवी फुटेज है। घटना में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही संभव होगी।

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बंदी के दिन शराब की दुकान पर देर रात हंगामा, शटर तोड़ने के प्रयास का आरोप

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 3, 2026

कमलेश कुमार

हिट एंड हॉट न्यूज़ संवाददाता बहराइच

बहराइच/सुजौली। जिले के सुजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत कैलाशपुरी में 2 अक्टूबर की रात शराब की दुकान पर कथित रूप से हंगामा किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, बंदी के दिन देर रात कुछ लोग शराब लेने के लिए कैलाशपुरी स्थित कम्पोजिट शराब की दुकान पर पहुंचे। दुकान बंद होने के कारण जब अंदर मौजूद मुनीम ने दरवाजा नहीं खोला तो कथित तौर पर बाहर मौजूद लोगों ने दुकान का शटर खोलने का प्रयास किया। मामले में दुकान के अनुज्ञापी की ओर से थाना सुजौली में तहरीर देकर जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को दी गई जानकारी के मुताबिक, घटना 2 अक्टूबर 2026 की रात लगभग 12 बजकर 10 मिनट की बताई गई है। उस समय दुकान नियमानुसार बंद थी। आरोप है कि कुछ लोग देर रात शराब खरीदने के उद्देश्य से दुकान पर पहुंचे। दुकान के अंदर मौजूद मुनीम ने बाहर से आवाज आने पर स्थिति को समझा और दुकान का दरवाजा नहीं खोला।

तहरीर में आरोप लगाया गया है कि दुकान नहीं खोले जाने के बाद बाहर मौजूद लोगों ने शटर पर वाहन से कथित रूप से कई बार टक्कर मारी। इससे दुकान के शटर को खोलने या क्षतिग्रस्त करने का प्रयास किए जाने की आशंका जताई गई है। घटना के दौरान शोर होने से दुकान के अंदर सो रहा मुनीम जाग गया। अचानक हुई गतिविधि से वह कथित तौर पर घबरा गया।

बंद दुकान खुलवाने का बनाया दबाव

शिकायत में कहा गया है कि 2 अक्टूबर को शराब की दुकान बंद होने के बावजूद कुछ लोग शराब लेने के लिए वहां पहुंचे थे। जब उन्हें दुकान बंद होने की जानकारी मिली तो कथित रूप से उन्होंने दुकान खोलने का दबाव बनाया। आरोप है कि दुकान का शटर नहीं खुलने पर वहां मौजूद लोगों ने उसे वाहन से टक्कर मारकर खोलने की कोशिश की।

हालांकि, घटना के संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौके पर वास्तव में क्या हुआ था, कितने लोग वहां पहुंचे थे और शटर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किस स्तर तक हुई।

सीसीटीवी फुटेज से सामने आ सकती है अहम जानकारी

मामले में सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया जा रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना के समय दुकान और उसके आसपास लगे कैमरों में गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हो सकती हैं। तहरीर में पुलिस से सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की गई है।

यदि फुटेज में वाहन या संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं तो जांच में उनकी पहचान करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, फुटेज के माध्यम से यह भी पता लगाया जा सकता है कि घटना के समय मौके पर कितने लोग मौजूद थे और दुकान के शटर के साथ वास्तव में क्या हुआ।

बंदी के दौरान दुकान बंद रहने का मामला

2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर शराब की दुकानों के बंद रहने का प्रावधान रहता है। ऐसे में दुकान बंद होने के बावजूद देर रात लोगों के वहां पहुंचने का आरोप इस मामले को चर्चा में ले आया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि दुकान बंद होने की जानकारी के बावजूद शराब लेने के लिए दबाव बनाया गया।

शराब की दुकानों के संचालन को लेकर निर्धारित नियमों और बंदी दिवस के प्रावधानों का पालन करना संबंधित विक्रेताओं के लिए आवश्यक होता है। दूसरी ओर, किसी बंद प्रतिष्ठान को जबरन खुलवाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किए जाने की स्थिति में पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

मुनीम की भूमिका भी जांच का हिस्सा हो सकती है

घटना के समय दुकान के अंदर मौजूद मुनीम इस पूरे मामले का प्रत्यक्ष गवाह हो सकता है। तहरीर के अनुसार, शोर सुनकर उसकी नींद खुली और उसने बाहर की गतिविधियों को लेकर स्थिति को समझने का प्रयास किया। पुलिस जांच के दौरान मुनीम से घटना के संबंध में जानकारी ली जा सकती है।

जांच में यह भी देखा जा सकता है कि शटर को कितना नुकसान हुआ है और क्या उस पर वाहन की टक्कर के निशान मौजूद हैं। यदि मौके पर कोई भौतिक साक्ष्य मिलता है तो वह भी जांच में उपयोगी हो सकता है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

फिलहाल यह मामला शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर सामने आया है। शिकायतकर्ता ने थाना सुजौली में तहरीर देकर मामले की जांच तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के स्तर से सीसीटीवी फुटेज की जांच, घटनास्थल का निरीक्षण और संबंधित लोगों से पूछताछ किए जाने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में शटर को नुकसान पहुंचाने या जबरन दुकान खुलवाने के प्रयास की पुष्टि होती है तो उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

वहीं, यदि आरोपों की पुष्टि नहीं होती है तो जांच के निष्कर्ष के आधार पर स्थिति अलग भी सामने आ सकती है। इसलिए फिलहाल घटना में शामिल लोगों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

स्थानीय स्तर पर घटना को लेकर चर्चा

कैलाशपुरी क्षेत्र में देर रात शराब की दुकान पर कथित हंगामे की सूचना के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस घटना को लेकर चर्चा है। बंदी के दिन शराब की दुकान बंद रहने के बावजूद वहां लोगों के पहुंचने और शटर खोलने के प्रयास के आरोप ने सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल भी खड़े किए हैं।

स्थानीय लोगों की नजर अब पुलिस जांच पर है। यदि सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि होती है तो इससे पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है। पुलिस यह भी जांच सकती है कि वाहन किसका था और घटना के समय उसे कौन चला रहा था।

स्थान: कैलाशपुरी, थाना सुजौली, जनपद बहराइच
घटना का समय: 2 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12:10 बजे
मामला: बंदी के दिन शराब की दुकान पर पहुंचने और शटर खोलने के कथित प्रयास की शिकायत
जांच का आधार: तहरीर, सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्य

फिलहाल मामले का मुख्य आधार दुकान के अनुज्ञापी की ओर से दी गई तहरीर और कथित सीसीटीवी फुटेज है। घटना में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही संभव होगी।

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