जालौन में घर-घर पहुंचेगा ‘दस्तक’ अभियान का संदेश, संचारी रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता तेज

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। जनपद जालौन में संचारी रोगों की रोकथाम और आमजन को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तृतीय चरण की शुरुआत गुरुवार को की गई। कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रैली निकालकर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी और जिलाधिकारी समीर ने संयुक्त रूप से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम की शुरुआत संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सामूहिक शपथ के साथ हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप स्वच्छता, बीमारी से बचाव और समय पर उपचार को लेकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की शपथ दिलाई। इस दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि संचारी रोगों पर नियंत्रण केवल सरकारी विभागों के प्रयास से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

स्वच्छता और जागरूकता को बताया बचाव का अहम माध्यम

जागरूकता रैली के दौरान आम नागरिकों को घर और आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, जलभराव रोकने तथा मच्छरों के प्रजनन की संभावित जगहों को समाप्त करने के प्रति सचेत किया गया। अधिकारियों ने कहा कि बरसात के बाद जमा पानी कई प्रकार के मच्छरजनित रोगों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है। ऐसे में घरों की छतों, कूलर, गमलों, पुराने बर्तनों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देना जरूरी है।

सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम स्वास्थ्य विभाग तक सीमित विषय नहीं है। परिवार, विद्यालय, स्थानीय संस्थाएं और आम नागरिक सभी मिलकर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने घरों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर भी स्वच्छता का ध्यान रखें।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति में लगातार बुखार या बीमारी से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है। विधायक ने आशा कार्यकत्रियों, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के घर-घर पहुंचने के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग देने की भी अपील की।

दस्तक अभियान के जरिए घर-घर दी जाएगी जानकारी

जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम में व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ आसपास के वातावरण की सफाई भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जलभराव को रोकना और मच्छरों के पनपने की जगहों को समाप्त करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि दस्तक अभियान के दौरान घरों पर पहुंचने वाली आशा एवं एएनएम कार्यकत्रियों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करें। उनके द्वारा बताए गए बचाव के उपायों को परिवार के अन्य सदस्यों तथा आसपास के लोगों तक भी पहुंचाया जाए, ताकि अभियान का संदेश व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सके।

डीएम ने जनभागीदारी को बताया अभियान की कुंजी

जिलाधिकारी समीर ने कहा कि किसी भी जनस्वास्थ्य अभियान की सफलता में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभागों को अभियान के दौरान निर्धारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

डीएम ने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास कूड़ा जमा न होने दें और ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें जहां पानी रुकने की संभावना रहती है। उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार या बीमारी से संबंधित लक्षण नजर आते हैं तो परिवार के सदस्य स्वयं उपचार करने या बीमारी को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय उसे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं। चिकित्सकीय जांच के बाद ही उचित उपचार कराया जाना चाहिए।

1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद ने बताया कि जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके बाद इसी अवधि में निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों और दिमागी बुखार समेत विभिन्न बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी देंगे। लोगों को बीमारी के संभावित लक्षणों, सावधानियों और समय पर उपचार के महत्व के बारे में भी बताया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य संबंधित विभाग भी अपने निर्धारित दायित्वों के अनुसार अभियान में भाग लेंगे। अभियान का उद्देश्य केवल बीमारी के प्रति जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को व्यवहारिक स्तर पर ऐसे उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है, जिनसे संक्रमण फैलने की संभावना कम की जा सके।

मच्छरों के नियंत्रण पर रहेगा विशेष जोर

अभियान के दौरान मच्छरों से बचाव और उनके प्रजनन स्थलों को समाप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को घरों में पानी जमा न होने देने, आसपास सफाई रखने और आवश्यकता के अनुसार मच्छररोधी उपाय अपनाने के बारे में जागरूक किया जाएगा।

स्वास्थ्य कर्मी लोगों को यह भी समझाएंगे कि बीमारी के लक्षण सामने आने पर देरी करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बच्चों और अन्य संवेदनशील लोगों में बुखार जैसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

रैली के जरिए दिया गया सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

कलेक्ट्रेट परिसर से निकली जागरूकता रैली के माध्यम से नागरिकों को संचारी रोगों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया। रैली में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों सहित विभिन्न संबंधित लोगों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य अभियान के संदेश को सरकारी कार्यालयों से बाहर निकालकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना रहा।

अधिकारियों ने कहा कि साफ-सफाई की आदत, जलभराव की रोकथाम, मच्छरों से बचाव और बीमारी के लक्षण दिखने पर समय से चिकित्सा सुविधा लेना ऐसे कदम हैं, जिनमें आम नागरिक की सीधी भूमिका है।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डॉ. जे.जे. राम, डॉ. एस.के. पाल, जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. वीरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वेक्टरवॉर्न) डॉ. ए.पी. वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द भूषण, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी चन्द्रशेखर, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. नरेश कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष ममता स्वर्णकार, लक्ष्मणदास बवान, अलीम सर सहित रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

जालौन में शुरू हुए इस अभियान के जरिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि संचारी रोगों की रोकथाम संबंधी जानकारी अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे और लोग बीमारी से बचाव के उपायों को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। घर-घर पहुंचने वाला दस्तक अभियान इसी जनभागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

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जालौन में घर-घर पहुंचेगा ‘दस्तक’ अभियान का संदेश, संचारी रोगों से बचाव को लेकर जागरूकता तेज

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 1, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। जनपद जालौन में संचारी रोगों की रोकथाम और आमजन को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तृतीय चरण की शुरुआत गुरुवार को की गई। कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रैली निकालकर अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी और जिलाधिकारी समीर ने संयुक्त रूप से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम की शुरुआत संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सामूहिक शपथ के साथ हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को अभियान के उद्देश्यों के अनुरूप स्वच्छता, बीमारी से बचाव और समय पर उपचार को लेकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की शपथ दिलाई। इस दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि संचारी रोगों पर नियंत्रण केवल सरकारी विभागों के प्रयास से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समुदाय की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।

स्वच्छता और जागरूकता को बताया बचाव का अहम माध्यम

जागरूकता रैली के दौरान आम नागरिकों को घर और आसपास स्वच्छ वातावरण बनाए रखने, जलभराव रोकने तथा मच्छरों के प्रजनन की संभावित जगहों को समाप्त करने के प्रति सचेत किया गया। अधिकारियों ने कहा कि बरसात के बाद जमा पानी कई प्रकार के मच्छरजनित रोगों के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है। ऐसे में घरों की छतों, कूलर, गमलों, पुराने बर्तनों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने देना जरूरी है।

सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम स्वास्थ्य विभाग तक सीमित विषय नहीं है। परिवार, विद्यालय, स्थानीय संस्थाएं और आम नागरिक सभी मिलकर बीमारी की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने घरों के साथ-साथ आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर भी स्वच्छता का ध्यान रखें।

उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति में लगातार बुखार या बीमारी से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई देने पर उसे नजरअंदाज करने के बजाय स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है। विधायक ने आशा कार्यकत्रियों, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के घर-घर पहुंचने के दौरान उन्हें आवश्यक सहयोग देने की भी अपील की।

दस्तक अभियान के जरिए घर-घर दी जाएगी जानकारी

जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम में व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ आसपास के वातावरण की सफाई भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जलभराव को रोकना और मच्छरों के पनपने की जगहों को समाप्त करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों से अपील की कि दस्तक अभियान के दौरान घरों पर पहुंचने वाली आशा एवं एएनएम कार्यकत्रियों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त करें। उनके द्वारा बताए गए बचाव के उपायों को परिवार के अन्य सदस्यों तथा आसपास के लोगों तक भी पहुंचाया जाए, ताकि अभियान का संदेश व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सके।

डीएम ने जनभागीदारी को बताया अभियान की कुंजी

जिलाधिकारी समीर ने कहा कि किसी भी जनस्वास्थ्य अभियान की सफलता में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित विभागों को अभियान के दौरान निर्धारित गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।

डीएम ने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास कूड़ा जमा न होने दें और ऐसे स्थानों की नियमित सफाई करें जहां पानी रुकने की संभावना रहती है। उन्होंने मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां अपनाने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को बुखार या बीमारी से संबंधित लक्षण नजर आते हैं तो परिवार के सदस्य स्वयं उपचार करने या बीमारी को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय उसे नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं। चिकित्सकीय जांच के बाद ही उचित उपचार कराया जाना चाहिए।

1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चलेगा विशेष अभियान

मुख्य चिकित्सा अधिकारी एच.एन. प्रसाद ने बताया कि जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके बाद इसी अवधि में निर्धारित कार्यक्रम के तहत 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक दस्तक अभियान भी चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों और दिमागी बुखार समेत विभिन्न बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी देंगे। लोगों को बीमारी के संभावित लक्षणों, सावधानियों और समय पर उपचार के महत्व के बारे में भी बताया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य संबंधित विभाग भी अपने निर्धारित दायित्वों के अनुसार अभियान में भाग लेंगे। अभियान का उद्देश्य केवल बीमारी के प्रति जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को व्यवहारिक स्तर पर ऐसे उपाय अपनाने के लिए प्रेरित करना भी है, जिनसे संक्रमण फैलने की संभावना कम की जा सके।

मच्छरों के नियंत्रण पर रहेगा विशेष जोर

अभियान के दौरान मच्छरों से बचाव और उनके प्रजनन स्थलों को समाप्त करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को घरों में पानी जमा न होने देने, आसपास सफाई रखने और आवश्यकता के अनुसार मच्छररोधी उपाय अपनाने के बारे में जागरूक किया जाएगा।

स्वास्थ्य कर्मी लोगों को यह भी समझाएंगे कि बीमारी के लक्षण सामने आने पर देरी करना नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बच्चों और अन्य संवेदनशील लोगों में बुखार जैसी स्थिति को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

रैली के जरिए दिया गया सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश

कलेक्ट्रेट परिसर से निकली जागरूकता रैली के माध्यम से नागरिकों को संचारी रोगों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया। रैली में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों सहित विभिन्न संबंधित लोगों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य अभियान के संदेश को सरकारी कार्यालयों से बाहर निकालकर समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना रहा।

अधिकारियों ने कहा कि साफ-सफाई की आदत, जलभराव की रोकथाम, मच्छरों से बचाव और बीमारी के लक्षण दिखने पर समय से चिकित्सा सुविधा लेना ऐसे कदम हैं, जिनमें आम नागरिक की सीधी भूमिका है।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डॉ. जे.जे. राम, डॉ. एस.के. पाल, जिला महिला चिकित्सालय की मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. वीरेन्द्र सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (वेक्टरवॉर्न) डॉ. ए.पी. वर्मा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द भूषण, जिला कार्यक्रम अधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उमेश कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी चन्द्रशेखर, भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. नरेश कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष ममता स्वर्णकार, लक्ष्मणदास बवान, अलीम सर सहित रेडक्रॉस सोसाइटी के सदस्य और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

जालौन में शुरू हुए इस अभियान के जरिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि संचारी रोगों की रोकथाम संबंधी जानकारी अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे और लोग बीमारी से बचाव के उपायों को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। घर-घर पहुंचने वाला दस्तक अभियान इसी जनभागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।