शातिर अपराधी राजेश यादव के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई, कानपुर नगर की सीमा से किया गया निष्कासन
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
कानपुर नगर। अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण और जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 1 अक्टूबर 2026 को एक शातिर अपराधी के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत जिला बदर की कार्रवाई अमल में लाई गई।

पुलिस के अनुसार, संयुक्त पुलिस आयुक्त, मुख्यालय/अपराध के न्यायालय से जारी आदेश के अनुपालन में राजेश यादव पुत्र स्वर्गीय लालता प्रसाद, निवासी ग्राम सुक्खा निवादा हरनू, थाना शिवराजपुर, कमिश्नरेट कानपुर नगर के विरुद्ध यह कार्रवाई की गई। संबंधित आदेश के आधार पर पुलिस ने उसे कानपुर नगर जनपद की सीमा से बाहर भेजते हुए जिला बदर की कार्रवाई सुनिश्चित की।
गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक राजेश यादव के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3/4 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने निर्धारित प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को कानपुर नगर की सीमा से बाहर कर दिया।
पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान राजेश यादव को थाना शिवली, जनपद कानपुर देहात क्षेत्र में छोड़ा गया। इस दौरान उसे जिला बदर संबंधी आदेश और उसकी शर्तों के बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी दी गई।
पुलिस ने उसे कड़ी हिदायत दी कि जिला बदर की निर्धारित अवधि के दौरान वह कानपुर नगर जनपद की सीमा में प्रवेश न करे। आदेश की शर्तों का उल्लंघन करने की स्थिति में उसके विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
जिला बदर जैसी कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखना है, जिनके संबंध में प्रशासनिक स्तर पर यह कार्रवाई आवश्यक मानी जाती है। पुलिस और प्रशासन द्वारा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कदम उठाए जाते हैं।
कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस की इस कार्रवाई को भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा बताया गया है। पुलिस द्वारा न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए संबंधित व्यक्ति को जनपद की सीमा से बाहर भेजा गया और उसे आदेश की शर्तों से अवगत कराया गया।
इस दौरान पुलिस ने यह भी सुनिश्चित किया कि जिला बदर की कार्रवाई नियमानुसार पूरी हो। संबंधित व्यक्ति को यह स्पष्ट किया गया कि निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले कानपुर नगर में प्रवेश करना आदेश का उल्लंघन माना जा सकता है।
सीमा पर छोड़ा गया, दी गई कड़ी हिदायत
पुलिस की कार्रवाई के दौरान राजेश यादव को कानपुर नगर की सीमा से बाहर ले जाकर कानपुर देहात जनपद के शिवली थाना क्षेत्र में छोड़ा गया। पुलिस ने उसे आदेश के बारे में जानकारी देने के साथ ही भविष्य में निर्धारित शर्तों का पालन करने के लिए कहा।
पुलिस के अनुसार, जिला बदर की अवधि में संबंधित व्यक्ति को कानपुर नगर की सीमा से दूर रहना होगा। यदि वह बिना अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत जिले में प्रवेश करता है तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की ओर से इस प्रकार की कार्रवाई को अपराध नियंत्रण की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके माध्यम से ऐसे व्यक्तियों पर निगरानी और कानूनी नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया जाता है, जिनके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर जिला बदर का आदेश पारित किया गया हो।
पुलिस की कार्रवाई से स्पष्ट किया गया सख्त रुख
कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ कि न्यायालय अथवा सक्षम प्राधिकारी के आदेशों के अनुपालन में पुलिस स्तर पर कार्रवाई जारी है। पुलिस ने जिला बदर आदेश के तहत राजेश यादव को जनपद से बाहर भेजने की प्रक्रिया पूरी की।
इस कार्रवाई के दौरान उसे स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि आदेश की अवधि में कानपुर नगर की सीमा में वापस न आए। पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को जिला बदर की सभी शर्तों के बारे में अवगत कराया और उनका पालन करने के निर्देश दिए।
कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ न्यायिक और प्रशासनिक आदेशों का पालन भी महत्वपूर्ण होता है। जिला बदर की प्रक्रिया इसी वैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत आती है।
पुलिस की निगरानी और आगे की प्रक्रिया
जिला बदर किए गए व्यक्ति के संबंध में पुलिस और प्रशासन द्वारा आदेश की शर्तों के अनुपालन पर नजर रखी जा सकती है। यदि संबंधित व्यक्ति निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो कानून के अनुसार उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सकती है।
राजेश यादव के मामले में भी पुलिस ने कार्रवाई पूरी करते हुए उसे कानपुर नगर से बाहर भेज दिया है। उसे निर्धारित अवधि तक जनपद की सीमा में प्रवेश नहीं करने की हिदायत दी गई है।
पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई का मुख्य आधार संयुक्त पुलिस आयुक्त, मुख्यालय/अपराध के न्यायालय का आदेश बताया गया है। इसी आदेश के अनुपालन में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 की धारा 3/4 के तहत जिला बदर की कार्रवाई की गई।
अपराध नियंत्रण की दिशा में कार्रवाई
कानपुर नगर में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा समय-समय पर विभिन्न कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। जिला बदर की कार्रवाई भी इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसका उद्देश्य संबंधित आदेश की अवधि में व्यक्ति को जिले की सीमा से बाहर रखना और आदेश की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना है।
1 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई में राजेश यादव को कानपुर नगर की सीमा से बाहर थाना शिवली, जनपद कानपुर देहात क्षेत्र में छोड़ा गया। पुलिस ने उसे आदेश की जानकारी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि वह निर्धारित अवधि में कानपुर नगर की सीमा में प्रवेश न करे।
पुलिस की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जिला बदर संबंधी आदेश का उल्लंघन होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इस तरह न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई यह कार्रवाई पुलिस की वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है।