वोट चोरी के मुद्दे पर सपा का अभियान, 8 अक्टूबर तक चलेगा कार्यक्रम

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर जिले में जनअभियान शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार यह अभियान 2 अक्टूबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान कार्यकर्ता मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर लोगों के बीच जाएंगे और निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव व्यवस्था की मांग को प्रमुखता से उठाएंगे।

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, इकलासपुरा रोड, उरई में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में सूची में किसी भी तरह की त्रुटि, दोहराव या संदिग्ध प्रविष्टि को लेकर स्पष्टता और जांच जरूरी है।

मतदाता सूचियों में डुप्लीकेट नाम होने का आरोप

सपा जिलाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता के दौरान दावा किया कि कालपी और उरई विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में डुप्लीकेट वोट अब भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इन कथित अनियमितताओं को लेकर संबंधित स्तर पर सवाल उठाती रही है और अब अभियान के माध्यम से इस विषय को जनता के बीच ले जाने की तैयारी की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों में भी मतदाता सूची एवं वोटिंग प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। हालांकि इन आरोपों को लेकर विभिन्न राजनीतिक पक्षों के अलग-अलग दावे रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता में अपनी पार्टी के रुख को रखते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को दूर करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है।

दीपराज गुर्जर ने एफआईआर से संबंधित सामने आए मामले पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि इस प्रकरण को सरकार को बचाने के उद्देश्य से राजनीतिक तरीके से सामने लाया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे जनता के बीच ले जाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेगी।

2 से 8 अक्टूबर तक कार्यक्रम

समाजवादी पार्टी के जिला संगठन के अनुसार, 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची का अध्ययन करने, संदिग्ध या डुप्लीकेट प्रविष्टियों की जानकारी जुटाने और मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने की बात कही गई है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में नामों की शुद्धता सीधे तौर पर चुनाव की विश्वसनीयता से जुड़ी होती है। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से दर्ज है, किसी योग्य व्यक्ति का नाम सूची से गायब है या एक ही व्यक्ति के नाम से एक से अधिक प्रविष्टियां हैं, तो ऐसे मामलों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच होनी चाहिए।

सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर संगठन इस मुद्दे को लेकर संघर्ष करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान के दौरान लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

निष्पक्ष चुनाव को लेकर सपा ने उठाया सवाल

पत्रकार वार्ता में सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव तभी प्रभावी माने जाते हैं, जब मतदाता सूची से लेकर मतदान और मतगणना तक पूरी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए समय-समय पर सत्यापन तथा आवश्यक सुधार की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से संचालित होनी चाहिए।

सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर लोगों के बीच असंतोष है। पार्टी अब इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचने की तैयारी कर रही है। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों से संवाद करने और मतदाता सूची से जुड़े उनके सवालों को सामने लाने की बात कही गई है।

सांसद नारायण दास अहिरवार ने भी रखी बात

पत्रकार वार्ता में सपा सांसद नारायण दास अहिरवार ने भी मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर लोगों में नाराजगी है और समाजवादी पार्टी जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेगी।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी शिकायत को उचित मंच पर उठाना और उसका समाधान कराने की कोशिश करना राजनीतिक दलों तथा नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। सपा सांसद के अनुसार पार्टी इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज आगे बढ़ाएगी।

संगठन के कई पदाधिकारी रहे मौजूद

उरई स्थित सपा जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, जमालुद्दीन पप्पू, वीरेंद्र यादव, महेश शिरोमणि दोहरे, तिलकचंद अहिरवार, महेंद्र कठेरिया, प्रदेश सचिव प्रदीप दीक्षित, पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय, शिवराम कुशवाहा, सुरेंद्र यादव बजरिया, लाखन सिंह कुशवाहा, महिला जिलाध्यक्ष कुसुम सक्सेना, राघवेंद्र सिंह और भानू राजपूत सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

पार्टी नेताओं ने कहा कि अभियान को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से संबंधित विषयों पर लोगों से संपर्क करने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

आरोपों की जांच और आधिकारिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण

मतदाता सूची में डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों से संबंधित दावों की वास्तविक स्थिति निर्धारित करने के लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक जांच और रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे। राजनीतिक दलों द्वारा लगाए गए आरोप अपने आप में अंतिम निष्कर्ष नहीं माने जा सकते। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता सूची, आपत्तियों, दावों और निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई के आधिकारिक रिकॉर्ड से स्थिति स्पष्ट होती है।

फिलहाल समाजवादी पार्टी ने 8 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के जरिए मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को जालौन जिले में प्रमुख राजनीतिक विषय बनाने की तैयारी की है। कालपी और उरई विधानसभा क्षेत्रों में कथित डुप्लीकेट वोटों को लेकर पार्टी द्वारा उठाए गए सवाल आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बने रह सकते हैं। इस बीच मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि को लेकर नागरिकों के लिए निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत शिकायत और सुधार का रास्ता महत्वपूर्ण रहेगा।

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वोट चोरी के मुद्दे पर सपा का अभियान, 8 अक्टूबर तक चलेगा कार्यक्रम

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 2, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई, जालौन। समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर जिले में जनअभियान शुरू करने की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार यह अभियान 2 अक्टूबर से शुरू होकर 8 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान कार्यकर्ता मतदाता सूची से जुड़ी कथित गड़बड़ियों को लेकर लोगों के बीच जाएंगे और निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव व्यवस्था की मांग को प्रमुखता से उठाएंगे।

शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, इकलासपुरा रोड, उरई में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिलाध्यक्ष दीपराज गुर्जर ने अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे में सूची में किसी भी तरह की त्रुटि, दोहराव या संदिग्ध प्रविष्टि को लेकर स्पष्टता और जांच जरूरी है।

मतदाता सूचियों में डुप्लीकेट नाम होने का आरोप

सपा जिलाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता के दौरान दावा किया कि कालपी और उरई विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में डुप्लीकेट वोट अब भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इन कथित अनियमितताओं को लेकर संबंधित स्तर पर सवाल उठाती रही है और अब अभियान के माध्यम से इस विषय को जनता के बीच ले जाने की तैयारी की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और बिहार के चुनावों में भी मतदाता सूची एवं वोटिंग प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। हालांकि इन आरोपों को लेकर विभिन्न राजनीतिक पक्षों के अलग-अलग दावे रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष ने पत्रकार वार्ता में अपनी पार्टी के रुख को रखते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका को दूर करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है।

दीपराज गुर्जर ने एफआईआर से संबंधित सामने आए मामले पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि इस प्रकरण को सरकार को बचाने के उद्देश्य से राजनीतिक तरीके से सामने लाया गया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे जनता के बीच ले जाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखेगी।

2 से 8 अक्टूबर तक कार्यक्रम

समाजवादी पार्टी के जिला संगठन के अनुसार, 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से अभियान चलाया जाएगा। पार्टी कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची का अध्ययन करने, संदिग्ध या डुप्लीकेट प्रविष्टियों की जानकारी जुटाने और मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने की बात कही गई है।

पार्टी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में नामों की शुद्धता सीधे तौर पर चुनाव की विश्वसनीयता से जुड़ी होती है। यदि किसी मतदाता का नाम गलत तरीके से दर्ज है, किसी योग्य व्यक्ति का नाम सूची से गायब है या एक ही व्यक्ति के नाम से एक से अधिक प्रविष्टियां हैं, तो ऐसे मामलों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच होनी चाहिए।

सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर संगठन इस मुद्दे को लेकर संघर्ष करेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान के दौरान लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।

निष्पक्ष चुनाव को लेकर सपा ने उठाया सवाल

पत्रकार वार्ता में सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव तभी प्रभावी माने जाते हैं, जब मतदाता सूची से लेकर मतदान और मतगणना तक पूरी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा बना रहे। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए समय-समय पर सत्यापन तथा आवश्यक सुधार की प्रक्रिया प्रभावी ढंग से संचालित होनी चाहिए।

सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर लोगों के बीच असंतोष है। पार्टी अब इसी मुद्दे को लेकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचने की तैयारी कर रही है। अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा लोगों से संवाद करने और मतदाता सूची से जुड़े उनके सवालों को सामने लाने की बात कही गई है।

सांसद नारायण दास अहिरवार ने भी रखी बात

पत्रकार वार्ता में सपा सांसद नारायण दास अहिरवार ने भी मतदाता सूची और कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस विषय को लेकर लोगों में नाराजगी है और समाजवादी पार्टी जनता के बीच जाकर अपनी बात रखेगी।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी शिकायत को उचित मंच पर उठाना और उसका समाधान कराने की कोशिश करना राजनीतिक दलों तथा नागरिकों दोनों की जिम्मेदारी है। सपा सांसद के अनुसार पार्टी इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज आगे बढ़ाएगी।

संगठन के कई पदाधिकारी रहे मौजूद

उरई स्थित सपा जिला कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें पूर्व मंत्री श्रीराम पाल, जमालुद्दीन पप्पू, वीरेंद्र यादव, महेश शिरोमणि दोहरे, तिलकचंद अहिरवार, महेंद्र कठेरिया, प्रदेश सचिव प्रदीप दीक्षित, पूर्व मंत्री हरिओम उपाध्याय, शिवराम कुशवाहा, सुरेंद्र यादव बजरिया, लाखन सिंह कुशवाहा, महिला जिलाध्यक्ष कुसुम सक्सेना, राघवेंद्र सिंह और भानू राजपूत सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।

पार्टी नेताओं ने कहा कि अभियान को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची से संबंधित विषयों पर लोगों से संपर्क करने तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

आरोपों की जांच और आधिकारिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण

मतदाता सूची में डुप्लीकेट या गलत प्रविष्टियों से संबंधित दावों की वास्तविक स्थिति निर्धारित करने के लिए संबंधित निर्वाचन अधिकारियों की आधिकारिक जांच और रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे। राजनीतिक दलों द्वारा लगाए गए आरोप अपने आप में अंतिम निष्कर्ष नहीं माने जा सकते। ऐसे मामलों में संबंधित मतदाता सूची, आपत्तियों, दावों और निर्वाचन अधिकारियों की कार्रवाई के आधिकारिक रिकॉर्ड से स्थिति स्पष्ट होती है।

फिलहाल समाजवादी पार्टी ने 8 अक्टूबर तक चलने वाले अभियान के जरिए मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे को जालौन जिले में प्रमुख राजनीतिक विषय बनाने की तैयारी की है। कालपी और उरई विधानसभा क्षेत्रों में कथित डुप्लीकेट वोटों को लेकर पार्टी द्वारा उठाए गए सवाल आने वाले दिनों में स्थानीय राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बने रह सकते हैं। इस बीच मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि को लेकर नागरिकों के लिए निर्धारित निर्वाचन प्रक्रिया के तहत शिकायत और सुधार का रास्ता महत्वपूर्ण रहेगा।