गाज़ा संकट पर इटली का रुख: शांति बहाली के प्रयासों को मिला समर्थन

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रोम/नई दिल्ली, 9 सितंबर 2025 –
मध्य पूर्व में गाज़ा को लेकर बढ़ते संघर्ष और मानवीय संकट के बीच इटली ने शांति स्थापित करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने स्पष्ट किया कि इटली का पक्ष किसी भी तरह की हिंसा या संघर्ष को बढ़ावा देने का नहीं, बल्कि वार्ता और कूटनीति के ज़रिए स्थायी समाधान खोजने का है।

मेलोनी ने कहा कि उनका देश उन सभी देशों और संगठनों के साथ खड़ा है, जो युद्धविराम और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयासरत हैं। उन्होंने क़तर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी की पहल का ज़िक्र करते हुए बताया कि इटली इन प्रयासों को सकारात्मक रूप से देखता है और भविष्य में भी रचनात्मक योगदान देने के लिए तत्पर है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इटली का यह रुख यूरोपीय संघ के भीतर उसकी कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत करता है। रोम ने पहले भी बार-बार कहा है कि गाज़ा में निर्दोष नागरिकों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और युद्ध की बजाय शांति ही दीर्घकालिक समाधान है।

राजनयिकों का मानना है कि अगर इटली जैसे देश शांति प्रक्रिया में सक्रिय रहते हैं, तो क्षेत्रीय अस्थिरता कम करने और मानवाधिकारों की रक्षा करने में मदद मिल सकती है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ रहा है कि वह गाज़ा में तत्काल राहत कार्यों और संघर्षविराम की दिशा में ठोस कदम उठाए।


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गाज़ा संकट पर इटली का रुख: शांति बहाली के प्रयासों को मिला समर्थन

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:सितम्बर 10, 2025

रोम/नई दिल्ली, 9 सितंबर 2025 –
मध्य पूर्व में गाज़ा को लेकर बढ़ते संघर्ष और मानवीय संकट के बीच इटली ने शांति स्थापित करने की अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने स्पष्ट किया कि इटली का पक्ष किसी भी तरह की हिंसा या संघर्ष को बढ़ावा देने का नहीं, बल्कि वार्ता और कूटनीति के ज़रिए स्थायी समाधान खोजने का है।

मेलोनी ने कहा कि उनका देश उन सभी देशों और संगठनों के साथ खड़ा है, जो युद्धविराम और मानवीय सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयासरत हैं। उन्होंने क़तर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी की पहल का ज़िक्र करते हुए बताया कि इटली इन प्रयासों को सकारात्मक रूप से देखता है और भविष्य में भी रचनात्मक योगदान देने के लिए तत्पर है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इटली का यह रुख यूरोपीय संघ के भीतर उसकी कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत करता है। रोम ने पहले भी बार-बार कहा है कि गाज़ा में निर्दोष नागरिकों की पीड़ा को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता और युद्ध की बजाय शांति ही दीर्घकालिक समाधान है।

राजनयिकों का मानना है कि अगर इटली जैसे देश शांति प्रक्रिया में सक्रिय रहते हैं, तो क्षेत्रीय अस्थिरता कम करने और मानवाधिकारों की रक्षा करने में मदद मिल सकती है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर दबाव बढ़ रहा है कि वह गाज़ा में तत्काल राहत कार्यों और संघर्षविराम की दिशा में ठोस कदम उठाए।