ईरान पर इजरायली हमले की निंदा: पुतिन और जिनपिंग ने टेलीफोन पर बातचीत में जताई चिंता, G7 शिखर सम्मेलन की भी आलोचना

मॉस्को/बीजिंग, 20 जून 2025:
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई एक महत्वपूर्ण टेलीफोन वार्ता में दोनों नेताओं ने ईरान पर इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और दोनों देशों से कूटनीतिक रास्ते अपनाकर तत्काल संघर्ष विराम की अपील की।
दोनों नेताओं की यह बातचीत उस समय हुई जब ईरान और इजरायल के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। इस वार्ता में रूस और चीन ने स्पष्ट किया कि मौजूदा हालात और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों को सैन्य ताकत के बजाय बातचीत के माध्यम से सुलझाया जाना चाहिए। क्रेमलिन के अनुसार, यह बातचीत ‘रचनात्मक और आवश्यक’ थी।
इसके साथ ही पुतिन और जिनपिंग ने हाल ही में कनाडा में संपन्न हुए G7 शिखर सम्मेलन के नतीजों पर भी चर्चा की। उन्होंने इस बैठक में सामने आई खामियों और सदस्य देशों के बीच मतभेदों की ओर संकेत करते हुए वैश्विक नेतृत्व की दिशा में G7 की भूमिका पर सवाल उठाए।
चीन के विदेश मंत्रालय ने इसे “तत्काल प्राथमिकता” बताते हुए दोनों देशों के बीच संघर्षविराम की मांग की, जबकि रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजरायल के हमलों को “बेहद खतरनाक” करार दिया। उन्होंने कहा कि रूस चीन के साथ घनिष्ठ संवाद बनाए रखेगा और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता की दिशा में मिलकर प्रयास करेगा।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह इस विवाद को कम करने की दिशा में ठोस प्रयास करे और सैन्य कार्रवाई की बजाय शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से समाधान निकाले। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान से जुड़ी परमाणु समस्या को संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपक्षीय मंचों पर लाकर राजनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यह वार्ता न केवल पश्चिम एशिया की स्थिति पर रूस-चीन की साझा चिंता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि वैश्विक संतुलन के संदर्भ में इन दोनों देशों की कूटनीति कितनी अहम होती जा रही है।
