स्टॉप डायरिया 2025′ अभियान में छत्तीसगढ़ बना अग्रणी राज्य: स्वच्छता, जागरूकता और नवाचार का अनूठा संगम

रायपुर, 20 जून 2025 – भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित ‘स्टॉप डायरिया 2025’ अभियान के तहत छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर एक आदर्श राज्य का दर्जा प्राप्त किया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार, स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य कर्मियों और आम नागरिकों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
डायरिया नियंत्रण के लिए ठोस रणनीति
छत्तीसगढ़ सरकार ने डायरिया जैसी जानलेवा बीमारी पर काबू पाने के लिए एक बहुस्तरीय रणनीति अपनाई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, शौचालय निर्माण, हाथ धोने की आदतों को प्रोत्साहन और ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ORS) के नियमित वितरण को प्राथमिकता दी गई।
राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया ताकि वे डायरिया के लक्षणों की शीघ्र पहचान कर सकें और समय पर उपचार दे सकें।
सामुदायिक जागरूकता की शक्ति
अभियान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए छत्तीसगढ़ में पंचायत स्तर तक जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। स्थानीय भाषाओं में नुक्कड़ नाटक, मोबाइल वैन के माध्यम से फिल्म प्रदर्शन और रेडियो संदेशों ने ग्रामीण अंचलों में व्यापक प्रभाव डाला।
स्कूलों में बच्चों के लिए विशेष ‘स्वास्थ्य शिक्षा सप्ताह’ आयोजित किया गया, जिससे स्वच्छता और पोषण को लेकर बच्चों में जागरूकता बढ़ी। बच्चों को ‘डायरिया वारियर्स’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जिन्होंने अपने घरों और आस-पड़ोस में ORS के महत्व को बताया।
तकनीक का समावेश और डेटा मॉनिटरिंग
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रत्येक जिले में डायरिया के मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है। राज्य स्वास्थ्य सूचना प्रणाली में तेजी से रिपोर्टिंग और विश्लेषण की सुविधा ने त्वरित प्रतिक्रिया को संभव बनाया।
इसके अतिरिक्त, मोबाइल एप्स के माध्यम से आम लोग लक्षण पहचानने, नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्रों की जानकारी प्राप्त करने और ORS वितरण केंद्रों तक पहुँचने में सक्षम हो सके हैं।
नवाचार और सहयोग से मिली सफलता
छत्तीसगढ़ सरकार ने यूनिसेफ, WHO और कई गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण सत्र और सामुदायिक भागीदारी कार्यक्रम शुरू किए। बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया गया, जहाँ पारंपरिक विश्वासों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य संदेशों को रूपांतरित किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
भारत सरकार ने हाल ही में छत्तीसगढ़ को ‘डायरिया नियंत्रण में उत्कृष्ट राज्य’ की मान्यता देते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। यह सफलता राज्य की नीति, योजना और ज़मीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की सशक्त मिसाल है।
निष्कर्ष
‘स्टॉप डायरिया 2025’ अभियान में छत्तीसगढ़ की भूमिका न केवल एक सफल सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयास है, बल्कि यह देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है। यदि इसी प्रकार समुदाय-आधारित रणनीतियों और सरकारी इच्छाशक्ति का समन्वय बना रहा, तो भारत निश्चित रूप से 2025 तक डायरिया के मामलों में भारी कमी लाने में सफल होगा।
