जालौन में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान, 11 नमूने लिए

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अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। जिले में आम लोगों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीमों ने जनपद के अलग-अलग कस्बों और बाजारों में पहुंचकर मिठाई, पनीर, खोया, दूध से तैयार उत्पाद और चटनी सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच की। अभियान के दौरान कुल 11 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाना और त्योहारों एवं सामान्य दिनों में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की स्थिति, बिक्री और उपलब्ध सामग्री की जांच की तथा संदेह की स्थिति में नमूने संग्रहित किए।

उरई में दो प्रतिष्ठानों से नमूने

जांच अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले उरई क्षेत्र में कार्रवाई की। कोंच बस स्टैंड के पास स्थित गहोई स्वीट्स एंड बेकर्स से बेसन के लड्डू का नमूना लिया गया। इसके अलावा हरदोई गूजर क्षेत्र स्थित मां कामख्या स्वीट्स एंड बेकर्स से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया।

अधिकारियों ने संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील कर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कोंच में मिठाई, पनीर और चटनी की जांच

कोंच क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। ढपली स्वीट्स से पेड़ा का नमूना लिया गया। इसके साथ ही संतोष स्वीट्स हाउस से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया।

इसी क्रम में पुरानी हवेली की बिरयानी से चटनी का नमूना लिया गया। अधिकारियों ने नरेन्द्र सिंह यादव उर्फ नत्थू डेयरी के प्रतिष्ठान से भी पनीर का नमूना संग्रहित किया। इस तरह कोंच क्षेत्र से अलग-अलग खाद्य श्रेणियों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पनीर और दूध से तैयार खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन उत्पादों की गुणवत्ता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी होती है, इसलिए अधिकारियों द्वारा इनके नमूने लेकर मानकों की जांच कराई जा रही है।

जालौन में दूध बर्फी का नमूना

अभियान के दौरान जालौन कस्बे में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। तहसील रोड स्थित सूजल मिष्ठान भंडार एवं दूध विक्रय केंद्र से दूध बर्फी का नमूना लिया गया।

खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण करने के साथ संबंधित उत्पाद का नमूना निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित किया। नमूना प्रयोगशाला में भेजे जाने के बाद उसकी गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप होने की जांच की जाएगी।

कुठौंद में पनीर और खोया की जांच

कुठौंद क्षेत्र में भी विभाग की कार्रवाई जारी रही। यहां राजेश कुमार तिवारी के प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना लिया गया। इसके अलावा नव्या स्वीट्स एंड बेकर्स से खोया का नमूना संग्रहित किया गया।

खोया और पनीर जैसे दुग्ध उत्पादों में गुणवत्ता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इन उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

कालपी में बूंदी के लड्डू और मिल्क केक की जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कालपी क्षेत्र में भी अभियान चलाया। टरननगंज स्थित मुहम्मद सफीक अंसारी के प्रतिष्ठान से बूंदी के लड्डू का नमूना लिया गया। वहीं प्रदीप सोनी के प्रतिष्ठान से मिल्क केक का नमूना संग्रहित किया गया।

इस प्रकार उरई, कोंच, जालौन, कुठौंद और कालपी क्षेत्र में विभाग की टीम ने कुल 11 खाद्य नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार सभी एकत्र किए गए नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन या मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि नमूना संग्रहित करना केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम स्थिति प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए रिपोर्ट आने से पहले किसी प्रतिष्ठान या खाद्य पदार्थ को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।

खाद्य कारोबारियों में बढ़ी सतर्कता

जिले में चलाए गए इस अभियान से खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों में भी सतर्कता बढ़ी है। विभाग द्वारा समय-समय पर बाजारों में निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई की जाती है, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा सके।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी है। अधिकारियों के अनुसार खाद्य सामग्री तैयार करने, रखने और बेचने के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन किया जाना जरूरी है।

अभियान में ये अधिकारी रहे शामिल

जिले में चलाए गए इस विशेष अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कार्रवाई की। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश प्रसाद, कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार, अनिल कुमार कटियार और झनकार सिंह शामिल रहे।

अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और संदिग्ध अथवा जांच योग्य खाद्य उत्पादों के नमूने संग्रहित किए। विभाग द्वारा लिए गए सभी 11 नमूनों को अब प्रयोगशाला परीक्षण का इंतजार है।

उपभोक्ताओं से भी सावधानी बरतने की अपील

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बीच उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय साफ-सफाई, पैकेजिंग, निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि और प्रतिष्ठान की स्वच्छता पर ध्यान दें। खुले में रखे या संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की खरीद से बचना चाहिए।

फिलहाल विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी नमूने में खाद्य मानकों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इस तरह के निरीक्षण और नमूना संग्रह अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।

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जालौन में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग का अभियान, 11 नमूने लिए

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 1, 2026

अरुण कुमार मिश्रा

हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ जालौन

उरई (जालौन)। जिले में आम लोगों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीमों ने जनपद के अलग-अलग कस्बों और बाजारों में पहुंचकर मिठाई, पनीर, खोया, दूध से तैयार उत्पाद और चटनी सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की जांच की। अभियान के दौरान कुल 11 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें गुणवत्ता परीक्षण के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य खाद्य पदार्थों में संभावित मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाना और त्योहारों एवं सामान्य दिनों में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अधिकारियों ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर खाद्य पदार्थों की स्थिति, बिक्री और उपलब्ध सामग्री की जांच की तथा संदेह की स्थिति में नमूने संग्रहित किए।

उरई में दो प्रतिष्ठानों से नमूने

जांच अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सबसे पहले उरई क्षेत्र में कार्रवाई की। कोंच बस स्टैंड के पास स्थित गहोई स्वीट्स एंड बेकर्स से बेसन के लड्डू का नमूना लिया गया। इसके अलावा हरदोई गूजर क्षेत्र स्थित मां कामख्या स्वीट्स एंड बेकर्स से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया।

अधिकारियों ने संबंधित खाद्य पदार्थों के नमूने निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील कर जांच के लिए भेजने की कार्रवाई की। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कोंच में मिठाई, पनीर और चटनी की जांच

कोंच क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। ढपली स्वीट्स से पेड़ा का नमूना लिया गया। इसके साथ ही संतोष स्वीट्स हाउस से पनीर का नमूना संग्रहित किया गया।

इसी क्रम में पुरानी हवेली की बिरयानी से चटनी का नमूना लिया गया। अधिकारियों ने नरेन्द्र सिंह यादव उर्फ नत्थू डेयरी के प्रतिष्ठान से भी पनीर का नमूना संग्रहित किया। इस तरह कोंच क्षेत्र से अलग-अलग खाद्य श्रेणियों के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पनीर और दूध से तैयार खाद्य पदार्थों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इन उत्पादों की गुणवत्ता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ी होती है, इसलिए अधिकारियों द्वारा इनके नमूने लेकर मानकों की जांच कराई जा रही है।

जालौन में दूध बर्फी का नमूना

अभियान के दौरान जालौन कस्बे में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। तहसील रोड स्थित सूजल मिष्ठान भंडार एवं दूध विक्रय केंद्र से दूध बर्फी का नमूना लिया गया।

खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण करने के साथ संबंधित उत्पाद का नमूना निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुरक्षित किया। नमूना प्रयोगशाला में भेजे जाने के बाद उसकी गुणवत्ता और निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप होने की जांच की जाएगी।

कुठौंद में पनीर और खोया की जांच

कुठौंद क्षेत्र में भी विभाग की कार्रवाई जारी रही। यहां राजेश कुमार तिवारी के प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना लिया गया। इसके अलावा नव्या स्वीट्स एंड बेकर्स से खोया का नमूना संग्रहित किया गया।

खोया और पनीर जैसे दुग्ध उत्पादों में गुणवत्ता बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इन उत्पादों के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

कालपी में बूंदी के लड्डू और मिल्क केक की जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने कालपी क्षेत्र में भी अभियान चलाया। टरननगंज स्थित मुहम्मद सफीक अंसारी के प्रतिष्ठान से बूंदी के लड्डू का नमूना लिया गया। वहीं प्रदीप सोनी के प्रतिष्ठान से मिल्क केक का नमूना संग्रहित किया गया।

इस प्रकार उरई, कोंच, जालौन, कुठौंद और कालपी क्षेत्र में विभाग की टीम ने कुल 11 खाद्य नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए संबंधित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।

प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार सभी एकत्र किए गए नमूनों की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन या मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों का कहना है कि नमूना संग्रहित करना केवल जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता के संबंध में अंतिम स्थिति प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही स्पष्ट होगी। इसलिए रिपोर्ट आने से पहले किसी प्रतिष्ठान या खाद्य पदार्थ को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता।

खाद्य कारोबारियों में बढ़ी सतर्कता

जिले में चलाए गए इस अभियान से खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों में भी सतर्कता बढ़ी है। विभाग द्वारा समय-समय पर बाजारों में निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई की जाती है, ताकि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी रखी जा सके।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि खाद्य कारोबारियों को निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करने के लिए जागरूक करना भी है। अधिकारियों के अनुसार खाद्य सामग्री तैयार करने, रखने और बेचने के दौरान स्वच्छता एवं गुणवत्ता संबंधी नियमों का पालन किया जाना जरूरी है।

अभियान में ये अधिकारी रहे शामिल

जिले में चलाए गए इस विशेष अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार राय के नेतृत्व में विभागीय टीम ने कार्रवाई की। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश प्रसाद, कन्हैया लाल यादव, सुनील कुमार, अनिल कुमार कटियार और झनकार सिंह शामिल रहे।

अधिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और संदिग्ध अथवा जांच योग्य खाद्य उत्पादों के नमूने संग्रहित किए। विभाग द्वारा लिए गए सभी 11 नमूनों को अब प्रयोगशाला परीक्षण का इंतजार है।

उपभोक्ताओं से भी सावधानी बरतने की अपील

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई के बीच उपभोक्ताओं के लिए भी जरूरी है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय साफ-सफाई, पैकेजिंग, निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि और प्रतिष्ठान की स्वच्छता पर ध्यान दें। खुले में रखे या संदिग्ध गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की खरीद से बचना चाहिए।

फिलहाल विभाग द्वारा लिए गए सभी नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में किसी नमूने में खाद्य मानकों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इस तरह के निरीक्षण और नमूना संग्रह अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।