बौध में सेवा संकल्प अभियान के तहत मेगा रक्तदान शिविर, 300 यूनिट रक्त संग्रह

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सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

स्वैच्छिक रक्तदान के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों ने बढ़ाया कदम

बौध, ओडिशा, 1 अक्टूबर। जिला सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत तथा राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस-2026 के अवसर पर बौध जिले में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जूनियर रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से आयोजित इस विशेष अभियान में जिलेभर से लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 300 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जिले में जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा।

यह मेगा रक्तदान शिविर बौध ब्लॉक के झनपांका स्थित राजकीय नोडल हाई स्कूल परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी टेमलाल दुबे ने की। सुबह से ही रक्तदान के लिए लोगों की भागीदारी देखने को मिली। शिक्षकों, शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों, अभिभावकों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने आगे आकर रक्तदान किया।

कलेक्टर बिभूति भूषण नायक ने किया शिविर का उद्घाटन

कार्यक्रम में बौध के कलेक्टर बिभूति भूषण नायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जूनियर रेड क्रॉस का ध्वज फहराकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा से जोड़ते हुए कहा कि जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कलेक्टर ने शिक्षकों, अभिभावकों और आम लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रक्त किसी कारखाने में तैयार नहीं किया जा सकता, इसलिए स्वस्थ नागरिकों द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान ही जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी सहायता बनता है।

उन्होंने शिविर में रक्तदान करने वाले सभी लोगों के योगदान की सराहना की और सामाजिक सेवा की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद

रक्तदान शिविर में बौध के पुलिस अधीक्षक कुलदीप मीना, मुख्य जिला चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार साहू, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिद्यापति पांडा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चूड़ामणि बारिक और भास्कर लेंका सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा हरभंगा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बारुण कुमार प्रधान, बौध ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केशव मल्लिक, कंटामाल ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अशोक रंजन माली, जिला शारीरिक शिक्षा अधिकारी आनंद कुमार बेहरा और झनपांका हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक विजय कुमार प्रधान ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

अधिकारियों और अतिथियों ने रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया तथा स्वैच्छिक रक्तदान के लिए उनके योगदान की प्रशंसा की।

विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने संभाली रक्त संग्रह की जिम्मेदारी

शिविर में रक्त संग्रह की पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की निगरानी में संपन्न हुई। झनपांका के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्यरंजन मेहर, बौसुणी के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. चामुरु मंसिंह, बौध जिला मुख्यालय अस्पताल के ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. भांजकिशोर रामचंद्र देव हेम्ब्रम, डेंटल सर्जन डॉ. वर्षा प्रियदर्शिनी, एचआईवी/एड्स काउंसलर बनोज कुमार प्रधान और यौन रोग काउंसलर प्रमोद कुमार महाराणा ने अपनी सेवाएं दीं।

प्रयोगशाला तकनीशियन दिलीप कुमार भोई और देबदत्त किशन, नर्सिंग अधिकारी जुड़ा साबर और सबिता कुजूर तथा सहायक सूरज भोक्ता और महेंद्र कलता ने भी रक्त संग्रह की व्यवस्था में सहयोग किया।

सिल्पांजलि होता बनीं पहली रक्तदाता

शिविर में कामिरा गांव की सिल्पांजलि होता ने सबसे पहले रक्तदान कर अभियान की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह शिविर में रक्तदान करने वाली महिला दाताओं में भी शामिल रहीं।

कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि कई परिवारों के सदस्यों ने एक साथ रक्तदान किया। इससे लोगों के बीच स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर सकारात्मक संदेश गया और सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई।

रक्तदान करने वालों में जिला शिक्षा अधिकारी टेमलाल दुबे और उनकी पत्नी नेहा दुबे, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चूड़ामणि बारिक और पंकजिनी बारिक, कनकपुर के ललित मेहर और पूनम मेहर, जगती हाई स्कूल के शिक्षक बिश्वेश्वर पुरोहित और ममता दास, बड़ाखलीगांव अपर प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बिश्वजीत पुरोहित और श्रद्धांजलि होता शामिल रहे।

इसके अलावा मेंढीमाला हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार साहू और चंद्रिका साहू, अपग्रेडेड गवर्नमेंट हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक अरविंद रथ और आरती मिश्रा, तथा गंधराधी हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रभारी प्रधानाचार्य प्रभात कुमार सतपथी और उनकी बेटी इप्सिता सतपथी ने भी रक्तदान किया।

300 रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और उपहार देकर किया सम्मानित

शिविर में रक्तदान करने वाले सभी 300 लोगों को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अतिथियों ने रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और उपहार देकर उनके योगदान का सम्मान किया।

आयोजकों ने कहा कि रक्तदाताओं का सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की सराहना नहीं है, बल्कि इससे समाज के अन्य लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की व्यापक भागीदारी ने सेवा भावना को सामने रखा।

जूनियर रेड क्रॉस की भूमिका रही महत्वपूर्ण

कार्यक्रम का संचालन और अतिथियों का परिचय जूनियर रेड क्रॉस अधिकारी एवं शिक्षक नबाकिशोर दीप ने किया। ब्लॉक जूनियर रेड क्रॉस समन्वयकों मनजीत मोहन चांद, प्रियंबदा सुबुधि और बनमाली मेहर ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

काउंसलर सीताराम कन्हारा और गिरिजा शंकर बाघ के साथ ब्लॉक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, सीआरसीसी, शिक्षकों, कर्मचारियों, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने भी शिविर के आयोजन में सहयोग किया।

उत्कृष्ट सहयोग करने वालों को भी मिला सम्मान

रक्तदान शिविर को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उत्कृष्ट सीआरसीसी, झनपांका हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक तथा आयोजन टीम के सदस्यों को भी प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

आयोजकों ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में विभिन्न संस्थाओं और स्थानीय संगठनों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सामूहिक प्रयास के कारण बड़ी संख्या में रक्तदाता शिविर तक पहुंचे और निर्धारित लक्ष्य से संबंधित गतिविधियां प्रभावी ढंग से पूरी की गईं।

स्थानीय संस्थाओं ने बढ़ाया सहयोग

शिविर के आयोजन में झनपांका ग्राम समिति, मारुति यूथ एसोसिएशन ऑफ झनपांका, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और एलुमनी कमेटी ने भी सहयोग प्रदान किया। इन संस्थाओं के सदस्यों ने शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए रक्तदाताओं को प्रोत्साहित किया।

स्थानीय समुदाय की भागीदारी ने कार्यक्रम को केवल एक स्वास्थ्य संबंधी आयोजन तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे सामूहिक सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के अभियान का स्वरूप दिया।

रक्तदान से जुड़ा जागरूकता संदेश हुआ मजबूत

बौध में आयोजित इस मेगा रक्तदान शिविर ने स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम किया। 300 यूनिट रक्त संग्रहित होना इस बात का संकेत रहा कि जिले में बड़ी संख्या में लोग जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आने को तैयार हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। स्वस्थ और पात्र नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से ही रक्त की जरूरत वाले मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है।

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जूनियर रेड क्रॉस, स्थानीय प्रशासन और नागरिक समाज के बीच बेहतर समन्वय दिखाई दिया। बौध जिले में आयोजित यह शिविर सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना से जुड़े सामूहिक प्रयास के रूप में सामने आया।

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बौध में सेवा संकल्प अभियान के तहत मेगा रक्तदान शिविर, 300 यूनिट रक्त संग्रह

लेखक:हिट एंड हॉट न्यूज़ डेस्क|प्रकाशित:अक्टूबर 1, 2026

सुदाम बाबू स्टेट ब्यूरो ओडिशा

हिट एंड हॉट न्यूज़

स्वैच्छिक रक्तदान के लिए शिक्षकों, अभिभावकों और आम नागरिकों ने बढ़ाया कदम

बौध, ओडिशा, 1 अक्टूबर। जिला सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत तथा राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस-2026 के अवसर पर बौध जिले में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जूनियर रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से आयोजित इस विशेष अभियान में जिलेभर से लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर के दौरान कुल 300 यूनिट रक्त एकत्रित किया गया, जो स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जिले में जागरूकता और सामाजिक सहभागिता का महत्वपूर्ण उदाहरण रहा।

यह मेगा रक्तदान शिविर बौध ब्लॉक के झनपांका स्थित राजकीय नोडल हाई स्कूल परिसर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी टेमलाल दुबे ने की। सुबह से ही रक्तदान के लिए लोगों की भागीदारी देखने को मिली। शिक्षकों, शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों, अभिभावकों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने आगे आकर रक्तदान किया।

कलेक्टर बिभूति भूषण नायक ने किया शिविर का उद्घाटन

कार्यक्रम में बौध के कलेक्टर बिभूति भूषण नायक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने जूनियर रेड क्रॉस का ध्वज फहराकर रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदान को मानव सेवा से जोड़ते हुए कहा कि जरूरत के समय रक्त की उपलब्धता किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कलेक्टर ने शिक्षकों, अभिभावकों और आम लोगों से स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रक्त किसी कारखाने में तैयार नहीं किया जा सकता, इसलिए स्वस्थ नागरिकों द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान ही जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायी सहायता बनता है।

उन्होंने शिविर में रक्तदान करने वाले सभी लोगों के योगदान की सराहना की और सामाजिक सेवा की भावना को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद

रक्तदान शिविर में बौध के पुलिस अधीक्षक कुलदीप मीना, मुख्य जिला चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार साहू, जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिद्यापति पांडा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चूड़ामणि बारिक और भास्कर लेंका सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा हरभंगा ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बारुण कुमार प्रधान, बौध ब्लॉक शिक्षा अधिकारी केशव मल्लिक, कंटामाल ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अशोक रंजन माली, जिला शारीरिक शिक्षा अधिकारी आनंद कुमार बेहरा और झनपांका हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक विजय कुमार प्रधान ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

अधिकारियों और अतिथियों ने रक्तदाताओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया तथा स्वैच्छिक रक्तदान के लिए उनके योगदान की प्रशंसा की।

विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम ने संभाली रक्त संग्रह की जिम्मेदारी

शिविर में रक्त संग्रह की पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग की प्रशिक्षित चिकित्सकीय टीम की निगरानी में संपन्न हुई। झनपांका के चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिव्यरंजन मेहर, बौसुणी के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. चामुरु मंसिंह, बौध जिला मुख्यालय अस्पताल के ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. भांजकिशोर रामचंद्र देव हेम्ब्रम, डेंटल सर्जन डॉ. वर्षा प्रियदर्शिनी, एचआईवी/एड्स काउंसलर बनोज कुमार प्रधान और यौन रोग काउंसलर प्रमोद कुमार महाराणा ने अपनी सेवाएं दीं।

प्रयोगशाला तकनीशियन दिलीप कुमार भोई और देबदत्त किशन, नर्सिंग अधिकारी जुड़ा साबर और सबिता कुजूर तथा सहायक सूरज भोक्ता और महेंद्र कलता ने भी रक्त संग्रह की व्यवस्था में सहयोग किया।

सिल्पांजलि होता बनीं पहली रक्तदाता

शिविर में कामिरा गांव की सिल्पांजलि होता ने सबसे पहले रक्तदान कर अभियान की शुरुआत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह शिविर में रक्तदान करने वाली महिला दाताओं में भी शामिल रहीं।

कार्यक्रम की एक विशेष बात यह रही कि कई परिवारों के सदस्यों ने एक साथ रक्तदान किया। इससे लोगों के बीच स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर सकारात्मक संदेश गया और सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत हुई।

रक्तदान करने वालों में जिला शिक्षा अधिकारी टेमलाल दुबे और उनकी पत्नी नेहा दुबे, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चूड़ामणि बारिक और पंकजिनी बारिक, कनकपुर के ललित मेहर और पूनम मेहर, जगती हाई स्कूल के शिक्षक बिश्वेश्वर पुरोहित और ममता दास, बड़ाखलीगांव अपर प्राइमरी स्कूल के शिक्षक बिश्वजीत पुरोहित और श्रद्धांजलि होता शामिल रहे।

इसके अलावा मेंढीमाला हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार साहू और चंद्रिका साहू, अपग्रेडेड गवर्नमेंट हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक अरविंद रथ और आरती मिश्रा, तथा गंधराधी हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रभारी प्रधानाचार्य प्रभात कुमार सतपथी और उनकी बेटी इप्सिता सतपथी ने भी रक्तदान किया।

300 रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और उपहार देकर किया सम्मानित

शिविर में रक्तदान करने वाले सभी 300 लोगों को प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अतिथियों ने रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र और उपहार देकर उनके योगदान का सम्मान किया।

आयोजकों ने कहा कि रक्तदाताओं का सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की सराहना नहीं है, बल्कि इससे समाज के अन्य लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों की व्यापक भागीदारी ने सेवा भावना को सामने रखा।

जूनियर रेड क्रॉस की भूमिका रही महत्वपूर्ण

कार्यक्रम का संचालन और अतिथियों का परिचय जूनियर रेड क्रॉस अधिकारी एवं शिक्षक नबाकिशोर दीप ने किया। ब्लॉक जूनियर रेड क्रॉस समन्वयकों मनजीत मोहन चांद, प्रियंबदा सुबुधि और बनमाली मेहर ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

काउंसलर सीताराम कन्हारा और गिरिजा शंकर बाघ के साथ ब्लॉक शिक्षा विभाग के अधिकारियों, सीआरसीसी, शिक्षकों, कर्मचारियों, स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने भी शिविर के आयोजन में सहयोग किया।

उत्कृष्ट सहयोग करने वालों को भी मिला सम्मान

रक्तदान शिविर को सफल बनाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले उत्कृष्ट सीआरसीसी, झनपांका हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक तथा आयोजन टीम के सदस्यों को भी प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।

आयोजकों ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में विभिन्न संस्थाओं और स्थानीय संगठनों के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सामूहिक प्रयास के कारण बड़ी संख्या में रक्तदाता शिविर तक पहुंचे और निर्धारित लक्ष्य से संबंधित गतिविधियां प्रभावी ढंग से पूरी की गईं।

स्थानीय संस्थाओं ने बढ़ाया सहयोग

शिविर के आयोजन में झनपांका ग्राम समिति, मारुति यूथ एसोसिएशन ऑफ झनपांका, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और एलुमनी कमेटी ने भी सहयोग प्रदान किया। इन संस्थाओं के सदस्यों ने शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग करते हुए रक्तदाताओं को प्रोत्साहित किया।

स्थानीय समुदाय की भागीदारी ने कार्यक्रम को केवल एक स्वास्थ्य संबंधी आयोजन तक सीमित नहीं रहने दिया, बल्कि इसे सामूहिक सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व के अभियान का स्वरूप दिया।

रक्तदान से जुड़ा जागरूकता संदेश हुआ मजबूत

बौध में आयोजित इस मेगा रक्तदान शिविर ने स्वैच्छिक रक्तदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम किया। 300 यूनिट रक्त संग्रहित होना इस बात का संकेत रहा कि जिले में बड़ी संख्या में लोग जरूरतमंद मरीजों की सहायता के लिए आगे आने को तैयार हैं।

कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि रक्तदान किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है। स्वस्थ और पात्र नागरिकों की सामूहिक भागीदारी से ही रक्त की जरूरत वाले मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराया जा सकता है।

राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर आयोजित इस अभियान में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जूनियर रेड क्रॉस, स्थानीय प्रशासन और नागरिक समाज के बीच बेहतर समन्वय दिखाई दिया। बौध जिले में आयोजित यह शिविर सेवा, सहयोग और मानवीय संवेदना से जुड़े सामूहिक प्रयास के रूप में सामने आया।