जिला बदर आदेश का उल्लंघन करने पर महुली पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
अमरेश त्रिपाठी
हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात
संतकबीरनगर। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना महुली पुलिस को एक कार्रवाई में सफलता मिली है। पुलिस ने जिला बदर किए गए एक अभियुक्त को जनपद की सीमा में कथित रूप से चोरी-छिपे रहने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा छह माह के लिए संतकबीरनगर जनपद से बाहर रहने का आदेश जारी किया गया था। आदेश की जानकारी दिए जाने के बावजूद उसके जनपद में रहने की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 01 अक्टूबर 2026 को मुखालिसपुर पुल के पास की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रजनीश पुत्र सुभाष, निवासी कठैचा, थाना महुली, जनपद संतकबीरनगर के रूप में हुई है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए रवाना किया।
संदिग्ध व्यक्ति और वाहनों की चेकिंग के दौरान मिली सूचना
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक थाना महुली पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के साथ गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली कि जिला बदर किया गया व्यक्ति जनपद की सीमा के भीतर मौजूद है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने बताए गए स्थान की ओर कार्रवाई की। मुखालिसपुर पुल के पास पहुंचने पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर पुलिस ने उसे जिला बदर आदेश के उल्लंघन के मामले में गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को जिला प्रशासन द्वारा छह माह की अवधि के लिए संतकबीरनगर जनपद से बाहर रहने का आदेश दिया गया था। पुलिस के मुताबिक संबंधित आदेश की तामील भी आरोपी को कराई गई थी। इसके बावजूद उसके जनपद में मौजूद पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
जिला बदर आदेश के उल्लंघन पर मुकदमा दर्ज
महुली पुलिस ने गिरफ्तारी के आधार पर स्थानीय थाने में मु0अ0सं0 401/2026 दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार मामला धारा 10 उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत पंजीकृत किया गया है।
पुलिस ने कार्रवाई के बाद आरोपी को न्यायालय के लिए रवाना कर दिया। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष होगी।
जिला बदर की कार्रवाई सामान्य तौर पर ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर की जाती है जिनकी गतिविधियों को लेकर कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जाती है। आदेश की अवधि में संबंधित व्यक्ति को निर्धारित जनपद की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया जाता है। आदेश की शर्तों का उल्लंघन होने पर संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
पहले भी दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आपराधिक इतिहास के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त रजनीश के खिलाफ महुली थाने में पहले भी कई मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ वर्ष 2021 में आबकारी अधिनियम से संबंधित मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 2023 में मारपीट, घर में प्रवेश करने, गाली-गलौज और धमकी से संबंधित धाराओं में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए।
इसके अतिरिक्त वर्ष 2026 में उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 10 के तहत भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस ने इसी आपराधिक पृष्ठभूमि के आधार पर उसके खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि पुलिस द्वारा बताए गए मुकदमों में अंतिम दोषसिद्धि का निर्णय न्यायालय की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होता है। किसी व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मुकदमे अपने आप में न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध किए जाने के समान नहीं होते।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
संतकबीरनगर पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में की गई।
थाना महुली के थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम को कार्रवाई के लिए लगाया गया था। टीम ने मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर आरोपी की तलाश की और उसे मुखालिसपुर पुल के पास से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक जय हिन्द भारती, हेड कांस्टेबल श्रीकांत यादव और कांस्टेबल मनोज कुमार शामिल रहे।
कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की निगरानी जारी
पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा बताया गया है। पुलिस का कहना है कि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी और जिला बदर आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए लगातार चेकिंग और गश्त की जा रही है।
महुली थाना क्षेत्र में भी पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच के साथ-साथ क्षेत्र में भ्रमण किया जा रहा है। इसी क्रम में मिली सूचना के आधार पर जिला बदर आरोपी की मौजूदगी की पुष्टि होने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिला बदर आदेश का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को निर्धारित अवधि तक जनपद से बाहर रखना होता है। ऐसे आदेश की जानकारी संबंधित व्यक्ति को विधिवत उपलब्ध कराए जाने के बाद भी यदि वह प्रतिबंधित क्षेत्र में पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
न्यायालय में पेश किया गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद महुली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई पूरी की और उसे न्यायालय के समक्ष पेश किए जाने के लिए रवाना किया। पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
पुलिस की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस मामले में कार्रवाई का मुख्य आधार जिला बदर आदेश का कथित उल्लंघन है। पुलिस ने आरोपी को उस समय पकड़ा जब वह जनपद की सीमा के भीतर मौजूद था।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि जिला बदर आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में पुलिस की गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
संतकबीरनगर में हुई इस कार्रवाई से एक बार फिर यह सामने आया है कि जिला बदर आदेश के बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रही है। मामले में आगे का निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगा।