ऊर्जा सुरक्षा, बाज़ार स्थिरता और सतत विकास पर केंद्रित हुआ ओपेक मंत्री स्तरीय सत्र

वियना, ऑस्ट्रिया – 9 जुलाई 2025 – पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC) ने आज अपना मंत्री स्तरीय सत्र 1 आयोजित किया, जिसका मुख्य विषय रहा: “तेल बाज़ार: ऊर्जा सुरक्षा, विकास और समृद्धि।” इस सत्र में वैश्विक अर्थव्यवस्था, सेवाओं और सामान्य जीवन में पेट्रोलियम और उसके उत्पादों की महत्ता पर विशेष ज़ोर दिया गया।
विचार-विमर्श के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि तेल बाज़ार की स्थिरता बनाए रखना आज की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह ऊर्जा सुरक्षा ही आर्थिक प्रगति और वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने की नींव है। सत्र में उन जटिल चुनौतियों पर चर्चा हुई, जो इस संतुलन को बनाए रखने में सामने आती हैं – जैसे आपूर्ति की निरंतरता, मांग के बदलते स्वरूप, उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा की किफायती उपलब्धता और ऊर्जा संक्रमण में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की अनिवार्यता।
इस उच्च स्तरीय सत्र में कई प्रमुख ऊर्जा मंत्रियों और विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिनमें शामिल थे: HE तारिक सुलेमान अहमद अल रूमी, HE सेन हेनकेन लोकपोबिरी, HE सुहैल मोहम्मद अल मज़रूई, HE परविज़ शाहबाज़ोव, HE श्री हरदीप सिंह पुरी और HE अलपरस्लान बेयराकटार। इन सभी वक्ताओं ने वैश्विक तेल बाज़ारों की वर्तमान स्थिति और भविष्य की रणनीतियों पर बहुआयामी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
प्रसिद्ध ऊर्जा विश्लेषक जॉन डेफ़टेरियोस ने इस सत्र का संचालन किया, जिन्होंने चर्चा को आपूर्ति-मांग के समीकरण, भू-राजनीतिक तनावों, ऊर्जा सुलभता और पर्यावरणीय नीतियों की दिशा में कुशलता से मार्गदर्शित किया।
यह सत्र इस बात का स्मरण कराता है कि ऊर्जा नीति, आर्थिक स्थिरता और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व अब आपस में गहराई से जुड़ चुके हैं। ओपेक द्वारा इस प्रकार के मंचों का आयोजन इस दिशा में एक अहम कदम है, जहां दुनिया भर के ऊर्जा नेता मिलकर ऐसी रणनीतियाँ तैयार कर रहे हैं जो ऊर्जा की विश्वसनीय, किफायती और सतत आपूर्ति सुनिश्चित कर सकें।
