फ़रवरी 13, 2026

अमेरिका-चीन ने 90 दिन का टैरिफ विराम किया, व्यापार तनाव घटने की उम्मीद

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वॉशिंगटन, 15 अगस्त: दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन ने आपसी व्यापारिक तनाव को कुछ समय के लिए कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने 90 दिनों के लिए टैरिफ (आयात-निर्यात शुल्क) पर विराम लगाने का निर्णय लिया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश के बाद सामने आया।

क्या था मामला?

पिछले कुछ समय से अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक रिश्ते लगातार बिगड़ते जा रहे थे। अमेरिका ने संकेत दिया था कि यदि समझौता न हुआ तो चीनी वस्तुओं पर शुल्क 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 54 प्रतिशत तक कर दिया जाएगा। वहीं, चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 34 प्रतिशत तक करने का निर्णय ले लिया था। यह कदम न केवल दोनों देशों के व्यापार को प्रभावित करता, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा असर डालता।

स्वीडन में हुई वार्ता का नतीजा

पिछले महीने स्वीडन में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत हुई थी, जिसके बाद यह निर्णय सामने आया। इस बातचीत में चीन ने साफ किया कि वह अगले 90 दिनों तक अमेरिकी वस्तुओं पर 10 प्रतिशत से अधिक टैरिफ नहीं लगाएगा। इसी तरह अमेरिका ने भी टैरिफ दरों में तुरंत बढ़ोतरी न करने पर सहमति जताई।

ट्रंप का रुख

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच बातचीत “सकारात्मक” रही है। उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने संबंधों को “अच्छा और रचनात्मक” बताया। ट्रंप के मुताबिक, दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी में सुधार की संभावना बनी हुई है।

क्यों है यह समझौता महत्वपूर्ण?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टैरिफ दरें बढ़ा दी जातीं, तो इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं और कंपनियों पर पड़ता। बढ़ी हुई आयात लागत से उत्पाद महंगे हो जाते और व्यापार घाटा भी बढ़ता। इस अस्थायी समझौते से उम्मीद है कि आने वाले तीन महीनों में दोनों देश स्थायी समाधान की ओर बढ़ सकते हैं।

आगे का रास्ता

भले ही 90 दिन का यह विराम स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन इससे दोनों देशों को गहन वार्ता और नए व्यापार समझौतों पर सहमति बनाने का समय मिलेगा। वैश्विक बाजार भी इस कदम को सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहा है। अब पूरी नज़र इस बात पर टिकी है कि तीन महीने बाद दोनों देश क्या नया निर्णय लेते हैं।


✍️ निष्कर्ष:
अमेरिका और चीन के बीच 90 दिन का यह टैरिफ विराम न केवल द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने का अवसर है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी राहत पहुंचाने वाला कदम है। यदि इस अवधि में स्थायी समाधान निकलता है, तो यह पूरी दुनिया के लिए आर्थिक स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।


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