फ़रवरी 13, 2026

ट्रंप के खिलाफ एल्विन ब्रैग की कानूनी कार्रवाई पर एलन डर्शोविट्ज़ की तीखी टिप्पणी: अमेरिकी न्याय प्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

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अमेरिका के जाने-माने संवैधानिक विद्वान और हार्वर्ड लॉ स्कूल के प्रोफेसर एमेरिटस एलन डर्शोविट्ज़ ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ मैनहैटन के जिला अटॉर्नी एल्विन ब्रैग द्वारा दायर मुकदमे को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। डर्शोविट्ज़ ने इसे अपने छह दशकों से अधिक लंबे कानूनी करियर में देखा गया सबसे कमजोर और विवादास्पद अभियोजन करार दिया है।

डर्शोविट्ज़ की कड़ी प्रतिक्रिया

एक हालिया बातचीत के दौरान एलन डर्शोविट्ज़ ने कहा कि ट्रंप के विरुद्ध लाया गया यह मामला कानूनी तर्कों के बजाय राजनीतिक मंशा से प्रेरित प्रतीत होता है। उनके अनुसार, यह ऐसा मुकदमा है जिसे न्यायिक कसौटी पर टिके रहने में कठिनाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी लोकतंत्र में कानून का उपयोग राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

मामला क्या है?

एल्विन ब्रैग के नेतृत्व में मैनहैटन डीए कार्यालय ने डोनाल्ड ट्रंप पर 34 आपराधिक आरोप लगाए थे। आरोपों का संबंध कथित तौर पर चुनाव से पहले किए गए एक गोपनीय भुगतान और उससे जुड़े व्यावसायिक रिकॉर्ड्स से है। अदालत ने इस मामले में ट्रंप को दोषी ठहराया, जिसके बाद अमेरिकी राजनीति में तीखी बहस शुरू हो गई।

कानूनी आधार पर उठाए गए सवाल

डर्शोविट्ज़ ने इस पूरे मामले को लेकर कई अहम आपत्तियाँ दर्ज कीं:

  • कानूनी मजबूती का अभाव: उनका कहना है कि जिन धाराओं के तहत मुकदमा चलाया गया, वे असामान्य और कमजोर हैं।
  • चुनावी संदर्भ: डर्शोविट्ज़ के अनुसार, मामला ऐसे समय में आगे बढ़ाया गया जब चुनावी माहौल बन रहा है, जिससे संदेह और गहराता है।
  • न्यायिक निष्पक्षता पर असर: उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह के मुकदमे जनता के न्याय प्रणाली पर भरोसे को नुकसान पहुँचा सकते हैं।

राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया

डर्शोविट्ज़ के बयान के बाद अमेरिका में राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज़ हो गईं। ट्रंप समर्थकों ने इसे लंबे समय से कही जा रही बातों की पुष्टि बताया, जबकि उनके आलोचकों ने डर्शोविट्ज़ पर पक्षपात का आरोप लगाया। सोशल मीडिया पर यह मुद्दा तेजी से चर्चा का केंद्र बन गया है।

व्यापक असर

यह विवाद केवल एक व्यक्ति या एक मुकदमे तक सीमित नहीं है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला भविष्य में इस बात की मिसाल बन सकता है कि अभियोजन एजेंसियाँ किस हद तक राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप कर सकती हैं।

निष्कर्ष

एलन डर्शोविट्ज़ की टिप्पणी ने अमेरिकी न्याय व्यवस्था, राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों के बीच संतुलन पर एक नई बहस छेड़ दी है। जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आते जा रहे हैं, यह मुद्दा और अधिक गहराने की संभावना है, और इसका प्रभाव केवल अदालतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे अमेरिकी राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करेगा।

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