यूक्रेन की सैन्य नीति में तकनीकी पुनर्जागरण: राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की का भविष्यवादी दृष्टिकोण

यूक्रेन इस समय केवल युद्ध नहीं लड़ रहा, बल्कि अपनी रक्षा प्रणाली का कायाकल्प भी कर रहा है। राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने हालिया संबोधन में स्पष्ट संकेत दिए हैं कि देश अब परंपरागत सैन्य ढाँचे से आगे बढ़कर तकनीक-आधारित सुरक्षा मॉडल को अपनाने जा रहा है। यह बदलाव रूस के जारी सैन्य दबाव की प्रतिक्रिया होने के साथ-साथ यूक्रेन के दीर्घकालिक रणनीतिक हितों का हिस्सा भी है।
सैनिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
ज़ेलेंस्की ने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी सैन्य नीति का मूल उद्देश्य मानव जीवन की रक्षा होना चाहिए। रूस की विशाल सैन्य क्षमता और लगातार हो रहे हमलों के बीच यूक्रेन के लिए यह अनिवार्य हो गया है कि वह अपने जवानों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करे। सटीक हमला प्रणाली, स्वचालित निगरानी और तेज़ निर्णय लेने वाली तकनीकें अब रणनीति का केंद्र बन रही हैं।
टेक्नोलॉजी और शासन का संगम
युद्ध की शुरुआत से ही यूक्रेन का डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्रालय रक्षा नवाचार का प्रमुख आधार रहा है। ड्रोन विकास, साइबर सुरक्षा और आधुनिक कम्युनिकेशन नेटवर्क के ज़रिए इस मंत्रालय ने युद्ध के तरीके को बदलने में अहम भूमिका निभाई है। मिखाइलो फेडोरोव को रक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त ज़िम्मेदारी सौंपा जाना इसी सोच को और मज़बूत करता है कि अब तकनीक और सुरक्षा नीति को अलग नहीं देखा जाएगा।
संसद के सामने निर्णायक प्रस्ताव
राष्ट्रपति के अनुसार, आने वाले दिनों में संसद के समक्ष ऐसे विधायी प्रस्ताव रखे जाएंगे, जिनसे यूक्रेन के रक्षा ढाँचे में व्यापक सुधार संभव होगा। इनमें उन्नत हथियार प्रणालियों का विकास, सैन्य संचार ढांचे का आधुनिकीकरण और रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका को बढ़ाना शामिल है। सरकार को भरोसा है कि यह सुधार राष्ट्रीय सुरक्षा को निर्णायक मजबूती देंगे।
तकनीक से बदला युद्ध का समीकरण
यूक्रेन की नई रणनीति का प्रभाव ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। हाल के महीनों में तकनीकी रूप से समर्थ अभियानों ने युद्ध के समीकरण को आंशिक रूप से यूक्रेन के पक्ष में मोड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, संसाधनों की सीमित उपलब्धता के बावजूद आधुनिक तकनीक ने यूक्रेनी सेना को अधिक प्रभावी और सटीक बनाया है।
संवाद और सुरक्षा—दोनों पर समान ज़ोर
ज़ेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि यूक्रेन आज भी शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और संवाद के माध्यम से युद्ध समाप्त करने के प्रयास जारी हैं। हालांकि, जब तक हमले जारी रहेंगे, तब तक देश अपनी रक्षा क्षमता को मज़बूत करने में कोई समझौता नहीं करेगा।
निष्कर्ष
यूक्रेन की यह नई दिशा दर्शाती है कि आधुनिक युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि नवाचार, बुद्धिमत्ता और तकनीकी श्रेष्ठता से लड़ा जाता है। ज़ेलेंस्की का दृष्टिकोण यूक्रेन को एक ऐसे राष्ट्र के रूप में प्रस्तुत करता है, जो संकट के समय भी भविष्य की तैयारी कर रहा है।
