पत्रकारिता

खून का रिश्ता नहीं, इंसानियत बनी सहारा: पत्रकार विजय शंकर यादव की अंतिम यात्रा में दिखी संवेदना

अमरेश त्रिपाठी हिट एंड हॉट न्यूज़ ब्यूरो चीफ कानपुर देहात वाराणसी। जीवन की भागदौड़ में इंसान अक्सर अपने परिवार, रिश्तों...

📰 पत्रकारिता, राजनीति और नैतिकता का पतन : अखिलेश यादव की टिप्पणी पर एक विचार

भारतीय लोकतंत्र में पत्रकारिता को हमेशा से जनता की आवाज़ और लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया है। इसका काम...

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