फ़रवरी 13, 2026

यहाँ “घरेलू लीज्ड सर्किट (DLC) के शुल्क की समीक्षा” विषय पर एक 100% मौलिक हिंदी लेख प्रस्तुत है:

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Anoop singh

ट्राई ने घरेलू लीज्ड सर्किट शुल्क की समीक्षा के लिए पूर्व-परामर्श पत्र जारी किया

भारतीय दूरसंचार क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने 29 अप्रैल 2025 को “घरेलू लीज्ड सर्किट (DLC) के शुल्क की समीक्षा” पर एक पूर्व-परामर्श पत्र जारी किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हितधारकों से उनके सुझाव, विचार और चिंताओं को प्राप्त करना है, ताकि मौजूदा शुल्क प्रणाली का समुचित मूल्यांकन किया जा सके।

क्या होता है घरेलू लीज्ड सर्किट (DLC)?
घरेलू लीज्ड सर्किट एक समर्पित संचार लिंक होता है, जो दो स्थानों के बीच डेटा ट्रांसफर के लिए स्थायी और सुरक्षित कनेक्शन उपलब्ध कराता है। इसका उपयोग कंपनियां, बैंक, और सरकारी संस्थाएं करते हैं, जिनके लिए लगातार, तेज़ और सुरक्षित कनेक्टिविटी आवश्यक होती है।

पूर्व-परामर्श पत्र का उद्देश्य
TRAI द्वारा जारी पूर्व-परामर्श पत्र का उद्देश्य मौजूदा अधिकतम शुल्क सीमा की समीक्षा करना है। प्राधिकरण यह जानना चाहता है कि क्या मौजूदा शुल्क उपभोक्ताओं के लिए उपयुक्त हैं, और क्या इनमें संशोधन की आवश्यकता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से ट्राई उपयोगकर्ताओं की जरूरतों और बाजार की गतिशीलता को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित और न्यायसंगत शुल्क प्रणाली विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

टिप्पणियां भेजने की अंतिम तिथि
TRAI ने सभी हितधारकों से 19 मई 2025 तक अपने विचार, सुझाव और टिप्पणियां भेजने का अनुरोध किया है। ये सुझाव अधिमानतः ईमेल के माध्यम से advfea2@trai.gov.in पर भेजे जा सकते हैं। इसके अलावा, किसी भी प्रकार की जानकारी या स्पष्टीकरण के लिए श्री विजय कुमार, सलाहकार (वित्तीय और आर्थिक विश्लेषण) से +91-11-20907773 पर संपर्क किया जा सकता है।

ट्राई की पारदर्शी प्रक्रिया
TRAI की यह पहल न केवल नीति निर्माण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी संबंधित पक्षों की राय को सुना जाए। इससे एक समावेशी और उत्तरदायी दूरसंचार तंत्र का निर्माण होता है, जो उपभोक्ताओं और सेवा प्रदाताओं दोनों के लिए फायदेमंद है।

निष्कर्ष
घरेलू लीज्ड सर्किट के शुल्क की समीक्षा न केवल तकनीकी विकास और व्यापारिक आवश्यकताओं के अनुसार है, बल्कि यह डिजिटल इंडिया अभियान को भी गति प्रदान कर सकती है। हितधारकों की भागीदारी इस प्रक्रिया को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


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