नासा ने पेश की नई युग की अंतरिक्ष संचार तकनीक: PExT सिस्टम की ऐतिहासिक लॉन्चिंग

अंतरिक्ष संचार के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाते हुए नासा (NASA) ने हाल ही में एक क्रांतिकारी तकनीक का सफल परीक्षण किया है — पॉलीग्लॉट एक्सपेरिमेंटल टर्मिनल (PExT)। इस अत्याधुनिक प्रणाली को TRACERS मिशन के साथ प्रक्षेपित किया गया, जो न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से अभूतपूर्व है, बल्कि भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए एक नई दिशा भी निर्धारित करता है।
क्या है PExT?
PExT एक ऐसा संचार उपकरण है जो पारंपरिक सीमाओं को तोड़ते हुए उपग्रहों को विभिन्न संचार नेटवर्कों के बीच निर्बाध रूप से ‘रोमिंग’ करने की क्षमता प्रदान करता है। इसे आप मोबाइल फोन की तरह समझ सकते हैं जो एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क में बिना रुकावट के बदल सकता है।
इस तकनीक को नासा के SCaN (Space Communications and Navigation) कार्यक्रम द्वारा विकसित किया गया है और इसमें सॉफ्टवेयर-डिफाइंड रेडियो लगे हैं, जो कई प्रकार के फ्रिक्वेंसी बैंड और प्रोटोकॉल पर काम कर सकते हैं। यही कारण है कि इसे “वाइडबैंड पॉलीलिंगुअल टर्मिनल” कहा जा रहा है — यानी एक ऐसा उपकरण जो कई ‘भाषाओं’ (तकनीकी प्रोटोकॉल) में बात करने में सक्षम है।
पारंपरिक सीमाओं से आगे
अब तक नासा मुख्यतः TDRS (Tracking and Data Relay Satellite) जैसे अपने स्वामित्व वाले नेटवर्क पर निर्भर था, लेकिन अब जब वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है, और निजी संचार नेटवर्क भी बढ़ रहे हैं, तो इस लचीली और बहुआयामी प्रणाली की आवश्यकता अत्यधिक महसूस की जा रही थी।
PExT के माध्यम से उपग्रह अब नासा के रिले नेटवर्क और निजी ग्राउंड स्टेशन दोनों से जुड़ सकते हैं — और वह भी बिना किसी रुकावट के। यह तकनीक भविष्य में आने वाले मिशनों के लिए विश्वसनीयता, गति और लागत-प्रभावशीलता तीनों ही दृष्टिकोणों से अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
2030 तक की रणनीति
PExT का प्रमुख उद्देश्य है नासा की 2030 तक की उस रणनीति को साकार करना, जिसके अंतर्गत वह निकट-पृथ्वी संचार के लिए पूरी तरह से वाणिज्यिक सेवाओं पर निर्भर होना चाहता है। इसका मतलब है कि सरकारी नेटवर्क की बजाय निजी नेटवर्क का उपयोग बढ़ाया जाएगा — जिससे लागत में कटौती और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
क्यों जरूरी है यह तकनीक?
जैसे-जैसे पृथ्वी की कक्षा में उपग्रहों और मिशनों की संख्या बढ़ रही है, वहां डेटा ट्रैफिक भी उसी रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में PExT जैसी तकनीकें एक मजबूत और लचीले संचार ढांचे को जन्म देती हैं, जो वैज्ञानिक अनुसंधान, उपग्रह संचालन और मानवयुक्त मिशनों के लिए जीवनरेखा बन सकती हैं।
निष्कर्ष:
PExT केवल एक तकनीकी प्रयोग नहीं, बल्कि अंतरिक्ष संचार के भविष्य की नींव है। इसके सफल लॉन्च ने यह सिद्ध कर दिया है कि आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष मिशन और भी स्मार्ट, सुरक्षित और लागत-कुशल हो सकते हैं। नासा की यह पहल न सिर्फ अमेरिका के लिए बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष समुदाय के लिए भी एक प्रेरणादायक कदम है।
